Begusarai News : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने और पलायन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा लागू ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G Act) अब धरातल पर उतरने को तैयार है। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री ने इस नए कानून की बारीकियों और इसके क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
मनरेगा का स्थान लेगा नया कानून
डीएम ने बताया कि यह अधिनियम पूर्ववर्ती मनरेगा का स्थान लेगा और इसे पहले से अधिक सशक्त व पारदर्शी बनाया गया है।
- 125 दिनों की गारंटी : अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 के बजाय 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की कानूनी गारंटी मिलेगी।
- कार्य-विराम का प्रावधान : खेती के व्यस्त समय को देखते हुए साल में अधिकतम 60 दिनों का कार्य-विराम रखा जा सकेगा, ताकि कृषि कार्यों पर प्रभाव न पड़े।
- बेरोजगारी भत्ता : निर्धारित समय में काम न मिलने पर लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता पाने का अधिकार होगा।
“अब बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस आधारित निगरानी और एआई (AI) ऑडिट के जरिए कार्यों की गुणवत्ता जांची जाएगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में सुनिश्चित किया जाएगा।” – डीएम श्रीकांत शास्त्री
इस अधिनियम के तहत कार्यों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- व्यक्तिगत कार्य : पौधरोपण, वर्मी-कम्पोस्ट, बायोगैस संयंत्र, पशुपालन शेड और निजी तालाब निर्माण।
- सार्वजनिक कार्य : चेक डैम, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र और ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाना।
पीएम गति-शक्ति से जुड़ेगा ग्राम पंचायत प्लान
बेगूसराय में इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए डीएम ने सभी नई योजनाओं को ‘युक्त धारा’ और ‘नरेगा सॉफ्ट’ पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास कार्यों को पीएम गति-शक्ति पहल से एकीकृत किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और स्थायी संपत्तियों का निर्माण हो सके।

