Begusarai News : बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र में 31 दिसंबर 2025 की देर शाम कुख्यात नक्सली दयानंद मालाकार (Dayanand Malakar) पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। एनकाउंटर समाप्त होने के बाद पुलिस ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान नक्सली के घर से एक महिला को हिरासत में लिया गया।
पुलिस पूछताछ में महिला ने पहले अपना नाम सुमन देवी बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह दयानंद मालाकार की पत्नी ममता देवी है।
आपको बता दे की ममता देवी भी नक्सली गतिविधियों में संलिप्त रही है। दयानंद मालाकार और ममता देवी की शादी लव मैरिज थी। दयानंद माली जाति से था, जबकि ममता सहनी जाति से आती है। दोनों के बीच लंबे समय तक प्रेम-संबंध रहा। परिजनों के विरोध के बाद दोनों ने मंदिर में विवाह किया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ममता देवी पर तेघड़ा और वीरपुर थाने में कुल 4 मामले दर्ज हैं। ये सभी मामले वर्ष 2007 और 2008 के हैं, जिनमें हत्या, आर्म्स एक्ट, सीएल एक्ट और विस्फोटक अधिनियम जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ममता देवी इन मामलों में पहले जेल भी जा चुकी है।
एसपी मनीष कुमार ने बताया कि ममता देवी को हथियार के साथ पकड़ा गया है और उसके अन्य नक्सली कांडों में शामिल होने की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हाल के दिनों में वह किन नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थी।
पुलिस ने बताया कि 28 मार्च 2008 को सरौंजा गांव में पुलिस और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें बीएमपी के दो जवान गोली लगने से घायल हो गए थे। उस समय पुलिस ने ममता देवी समेत 18 नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। मौके से एक देसी कार्बाइन, चार देसी राइफल, एक पिस्टल, एक क्रूड बम और 108 से अधिक कारतूस बरामद किए गए थे। हालांकि, उस मुठभेड़ में दयानंद फरार हो गया था।
इसके अलावा 26 मार्च 2008 को चिल्हाय घाट के पास दयानंद मालाकार और ममता देवी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रामपुकार महतो की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
ममता देवी नोनपुर निवासी रामभरोसी सहनी की बेटी है, जबकि दयानंद मालाकार वीरपुर थाना क्षेत्र के हादीडीह गांव का रहने वाला था। दयानंद तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव में हुए पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। फिलहाल, पुलिस ममता देवी से पूछताछ कर नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य सुराग जुटाने में लगी हुई है।

