Begusarai News : बिहार विधानसभा का गुरुवार का सत्र काफी हंगामेदार रहा। हर घर नल-जल योजना की बदहाली और ऑपरेटरों के बकाया मानदेय को लेकर बेगूसराय के तेघड़ा से भाजपा विधायक रजनीश कुमार (BJP MLA Rajneesh Kumar) ने अपनी ही सरकार के पीएचईडी (PHED) विभाग को कटघरे में खड़ा किया। विधायक ने विभाग के जवाब पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।
योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल
विधायक रजनीश कुमार ने सदन में ध्यानाकर्षण के जरिए तेघड़ा विधानसभा क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में कुल 280 नल-जल योजनाएं हैं, जिनमें से अधिकांश रखरखाव के अभाव और ऑपरेटरों को मानदेय न मिलने के कारण बंद पड़ी हैं। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि
- क्या नल-जल ऑपरेटरों को मानदेय का भुगतान मासिक आधार पर होता है या एकमुश्त?
- बकाया बिजली बिलों के कारण बंद पड़े पंपों को कब तक चालू किया जाएगा?
मंत्री और विधायक के आंकड़ों में उलझा विभाग
पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि क्षेत्र के 246 पंपों का संचालन उनका विभाग कर रहा है, जबकि शेष योजनाएं पंचायती राज विभाग के अधीन हैं।
हालाँकि, मंत्री के इस जवाब से विधायक असंतुष्ट दिखे। रजनीश कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि केवल 34 योजनाएं ही पंचायती राज विभाग के पास हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा दिया गया उत्तर कई अहम बिंदुओं पर मौन है और भ्रामक जानकारियाँ दी जा रही हैं।
“जल जीवन मिशन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन मेरे क्षेत्र में आधे से ज्यादा इलाकों में बिजली बिल और पारिश्रमिक न मिलने से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। सरकार का जवाब सच्चाई से कोसों दूर है।”- रजनीश कुमार, विधायक (तेघड़ा)
सदन में दिखा तीखा रुख
विधायक ने मांग की है कि सरकार केवल आंकड़ों का खेल न खेले, बल्कि बिजली बिल का भुगतान सुनिश्चित कर और ऑपरेटरों का मानदेय जारी कर लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराए। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

