Shahpur Toll Plaza : NH-31 पर सफर करना मालवाहक चालकों के लिए दुश्वारियों से भरा हो गया है। शाहपुर टोल प्लाजा पर ओवरलोडिंग के नाम पर रंगदारी टैक्स की वसूली खुलेआम हो रही है। टोल का निर्धारित शुल्क चुकाने के बाद भी ड्राइवरों को गुंडागर्दी टैक्स देना पड़ता है।
चालकों का आरोप है कि विरोध करने पर न सिर्फ उनके मोबाइल फोन छीन लिए जाते हैं बल्कि वाहनों में तोड़फोड़ और मारपीट तक की जाती है। कमजोर और लाचार ड्राइवर शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते। टोल प्लाजा मैनेजर का साफ कहना है कि ओवरलोडिंग फाइन वसूलना टोल की जिम्मेदारी नहीं है। प्लाजा पर वजन करने के लिए दो धर्मकाटा मौजूद हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जाता। इसके बावजूद ट्रक चालकों से ₹100 तक जबरन वसूला जा रहा है।
कई वाहन चालकों ने बताया कि टोल टैक्स देने के बाद भी उनसे दोबारा रंगदारी ली जाती है। विरोध करने वालों को टोल कर्मचारियों की गुंडागर्दी झेलनी पड़ती है। कई मामलों में यह वसूली MVI कर्मियों, DTO और हाइवे किनारे तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में होती है। ड्राइवरों का कहना है कि NH-31 पर सिस्टम से जुड़े ही लोग रंगदारी के खेल में शामिल हैं, लेकिन जिला प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।