Begusarai News : बेगूसराय से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली। हैरान करने वाली बात यह है कि मौत के बाद इंसाफ दिलाने के बजाय, गाँव में करीब 10 घंटे तक लाश को सामने रखकर पंचायती होती रही और युवक की जिंदगी की कीमत लगाई जाती रही।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान फतेहपुर वार्ड नंबर-15 निवासी मोहम्मद रुस्तम के पुत्र मोहम्मद ऐनुल आलम (34 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, 18 मार्च को ऐनुल को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई थी। परिवार वाले उसे बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही गाँव के झोलाछाप डॉक्टर मुकेश कुमार साह ने उन्हें रोक लिया।
मुकेश ने भरोसा दिलाया कि वह यहीं सुई-दवा देकर ठीक कर देगा। उसने 4 घंटे तक इलाज किया, लेकिन भाई की हालत बिगड़ती चली गई।- मोहम्मद मुमताज, मृतक का भाई
पटना ले जाने के दौरान तोड़ा दम
हालत नाजुक होने पर उसे जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे तुरंत पटना रेफर कर दिया। बदकिस्मती से, पटना पहुँचने से पहले ही ऐनुल ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया।
लाश पर सौदा
युवक की मौत के बाद गांव में मातम के बीच एक अलग ही खेल शुरू हो गया। आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को बुलाया गया और पंचायत बैठी। पंचायत में मौजूद कुछ लोग 5 लाख रुपये मुआवजे पर मामला रफा-दफा करने का दबाव बना रहे थे। घंटों चली बहस के बाद बात 3 लाख रुपये पर आकर टिकी, जिस पर परिजन राजी भी हो गए थे। इसी बीच डॉक्टर के विरोधियों ने परिजनों को कानूनी कार्रवाई की सलाह दी, जिसके बाद मामला डायल-112 और स्थानीय थाने तक पहुँचा।
आरोपी फरार
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद से ही आरोपी झोलाछाप डॉक्टर मुकेश कुमार साह फरार है और उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है।


