इमरजेंसी के समय मंझौल बना था क्रांतिकारियों का गढ़ – गिरिराज सिंह

Giriraj Singh Manjhaul Visit

डेस्क : शनिवार को मंझौल के जगदम्बी पुस्तकालय में 1974 इमरजेंसी आंदोलन के सेनानियों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ । इस समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह थे । केंद्रीय मंत्री मंझौल पहुंचने के साथ सर्वप्रथम शहीद नित्यानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि इमरजेंसी देश के इतिहास में काला अध्याय है। उस समय देश में ऐसे कानून लगे जो अंग्रेज के समय में भी भी नहीं लगा था । तभी सम्पूर्ण क्रांति का आगाज हुआ।

जब पूरे देश में शुरू हुई क्रांति में जयप्रकाश नारायण ने नेतृत्व सम्भाला । अत्याचार और दमन इस कदर पहुंच गया । पकर कर बन्ध्याकरण , घरों को रौंद दिया गया । पूरा देश जल रहा था । बिहार आंदोलन का केंद्रीय बिंदु था । बेगूसराय का मंझौल क्रांतिकारियों का गढ़ था । तब एक पत्रकार ने लिखा था कि हर खासों आम को आगाह किया जाता है, कि अपने घर की कुंडियों लगा लें । 70 वर्ष का बूढ़ा घर से निकल चुका है। राजनीति में कांग्रेस और कम्युनिस्ट मिल गए थे । उन्होंने वामपंथी पार्टी को भी आरे हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता की ताकत होती है। इमरजेंसी के समय इंदिरा गांधी को चुनाव कराने का चाटुकारों ने सलाह दिया।

जनमानस में ऐसा उफान था कि मैंने कभी नहीं देखा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अहम भूमिका में रहा। देश में माहौल बन गया। सम्पूर्ण क्रांति का नारा दिया। आज जो सरकारें है सब जेपी आंदोलन के कोख से पैदा लिए हैं। मगर लालू जी ने परिभाषा बदल दी। भरस्टाचार को शिष्टाचार में बदल दिया । सबसे बरे घोटाले के नायक बने। जेपी का प्रभाव उनपर नहीं पर सका। बिहार की धरती लोकतंत्र की धरती है। सबसे पुरानी लोकतांत्रिक व्यवस्था की परिभाषा हिंदुस्तान है। जब जब लोकतंत्र को कोई शिकंजे में बांधने की कोशिश करेगा । तो 1974 जैसा आंदोलन उठेगा। उन्होंने इमरजेंसी सेनानियों से कहा आपकी लड़ाई बेकार नहीं जाएगी । नए युवाओं को भी यह बात जाननी चाहिए।

सभी को जेपी आंदोलन की जानकारी दें। आंदोलन की अंकुर टूटे ना। आने वाली पीढ़ी सजग रहे। आज भी लोकतंत्र को दबाने वालों की नजर गिरी हुई है। भारत की संस्कृति और संस्कार को तोड़ने में लगे हुए । वैचारिक दृष्टि से सजग रखें। बताते चलें कि क्षेत्र में करीब 40 जेपी सेनानियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को बेगूसराय विधायक कुंदन सिंह , सांसद प्रतिनिधि मनोज भारती , वरिष्ठ भाजपा नेता शालिग्राम सिंह सहित कई लोगों ने सम्बोधित किया ।

कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का काफिला बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रामजीवन सिंह के यहां पहुंचा। उनसे मिलकर खेम कुशल पूछा । इस मौके पर भाजपा नेता शरद कुमार , कुंदन भारती , संजीव झा , सुमित सन्नी , चंचल कुमार , छात्र नेता कन्हैया कुमार , रामप्रवेश सहनी , जयजयराम सहनी सहित आदि मौजूद थे ।

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