Begusarai News : बेगूसराय जिले के ऑटो व ई-रिक्शा चालक संघ ने मंझौल बस स्टैंड के नाम पर हो रही अवैध वसूली, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने का बड़ा आरोप लगाया है। इस संबंध में संघ के प्रतिनिधियों ने SDM मंझौल को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
आवेदन में कहा गया है कि परिवहन आयुक्त, पटना द्वारा जारी पत्रांक-215 (दिनांक 3 जुलाई 1995) के अनुसार किसी भी वाहन पड़ाव (स्टैंड) की स्थापना का अधिकार केवल परिवहन विभाग, बिहार सरकार को है। इसके अलावा किसी अन्य विभाग या व्यक्ति को स्टैंड स्थापित कर वाहन चालकों से शुल्क वसूलने का अधिकार नहीं है।
संघ का कहना है कि मंझौल बस पड़ाव में ऑटो खड़ा करने पर 16 रुपये लिए जाते हैं, जिस पर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन SH-55 मंझौल, पहसारा मोड़, मंझौल-गढ़पुरा मोड़ सहित अन्य स्थानों पर जबरन गाड़ियां रोककर ऑटो चालकों से 60 रुपये और ई-रिक्शा चालकों से 25 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर चालकों के साथ गाली-गलौज, मारपीट की जाती है और जान से मारने की धमकी देकर जबरन पैसे वसूल लिए जाते हैं। इससे ऑटो व ई-रिक्शा चालक भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।
संघ के एक प्रतिनिधि ने बताया कि मंझौल एसडीओ द्वारा केवल मौखिक आश्वासन दिया गया है, जिससे ऑटो व ई-रिक्शा चालक संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध वसूली पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि चालक बिना डर के अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

