खम्हार, बेगूसराय | संवाददाता विश्व में न्याय दर्शन के प्रणेता माने जाने वाले गौतम ऋषि की जयंती के अवसर पर गुरुवार को खम्हार स्थित गौतम धाम में एक विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने न्याय दर्शन की प्रासंगिकता और सामाजिक जीवन में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि न्याय मानव सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। भारतीय ऋषियों ने प्राचीन काल से ही समाज व्यवस्था को संतुलित और संगठित करने के लिए न्याय सिद्धांतों पर गहन शोध किया। गौतम ऋषि ने न्याय दर्शन को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत कर दुनिया को एक मजबूत वैचारिक आधार दिया, जो आज भी सामाजिक और नैतिक जीवन में मार्गदर्शक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेगूसराय के विधायक कुंदन कुमार ने कहा कि गौतम धाम के विकास के लिए वे हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने इसे सामाजिक जागरूकता और बदलाव का केंद्र बनाने का आह्वान किया।
पूर्व विधायक अनिल चौधरी ने कहा कि वर्तमान बदलते परिवेश में ब्रह्मर्षि समाज को संगठित होकर सामाजिक एकता और समन्वय को मजबूत करना समय की मांग है।
इस अवसर पर रतनपुर के अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. कांति मोहन सिंह, महेश प्रसाद सिंह, कार्तिक सिंह, राजकिशोर शर्मा, आशा सिन्हा, पंकज कुमार सिंह, रमेश कुमार सिंह (मुखिया), विवेकानंद शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण गौतम धाम के कर्ताधर्ता रामबाबू सिंह ने दिया, जिन्होंने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम का संचालन शिवनंदन सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद सिंह ने की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।


