Begusarai News : फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बेगूसराय जिला एक रोल मॉडल बनकर उभरा है। बुधवार को तेघड़ा प्रखंड के मधुरापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-71 और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आयोजित ‘राज्य स्तरीय मेगा कैंप’ ने जनभागीदारी की नई मिसाल पेश की। इस विशेष अभियान की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने वर्चुअल माध्यम से इसका अवलोकन किया और जिले के प्रयासों की सराहना की।
उत्सव के माहौल में दवा का सेवन
कैंप का नजारा किसी उत्सव जैसा था। पूरे परिसर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राम कृष्ण के नेतृत्व और पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही ग्रामीणों की लंबी कतारें देखी गईं। अभियान की शुरुआत अधिकारियों द्वारा स्वयं दवा सेवन कर की गई, ताकि आमजन का भरोसा बढ़ सके। आंकड़ों के मुताबिक, कैंप में 500 से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा (MDA) खिलाई गई।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष रंजन झा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा:
“फाइलेरिया का एक बार लक्षण दिखने पर यह लाइलाज हो जाता है, लेकिन समय पर दवा का सेवन कर इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। तेघड़ा का उत्साह पूरे बिहार के लिए प्रेरणादायी है।”
पूरे जिले में 1,663 टीमें उतरीं मैदान में
इस मेगा कैंप की सफलता के साथ ही जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान (MDA-2026) ने रफ्तार पकड़ ली है।
- लक्ष्य : जिले के 8 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य।
- कार्यबल : कुल 1,663 टीमें घर-घर जाकर अपनी निगरानी में दवा खिला रही हैं।
- सहयोग : स्वास्थ्य विभाग के साथ पिरामल फाउंडेशन, जीविका दीदियां और आशा कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
इनकी रही सक्रिय भूमिका
अभियान को सफल बनाने में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सुबीर पंकज, बीसीएम शारदा कुमारी, और पिरामल फाउंडेशन के ज्ञानोदय प्रकाश, दीपक मिश्रा व अंकित झा की प्रमुख भूमिका रही। वहीं, जमीनी स्तर पर एएनएम अनुपमा, सीएचओ लक्ष्मी और आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया।

