Begusarai Home Guard : बिहार में सरकारी बहाली प्रक्रियाओं में शुचिता और पारदर्शिता को लेकर बिहार सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। बेगूसराय में गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के नामांकन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद, गृह विभाग ने कार्रवाई करते हुए जिला समादेष्टा अखिलेश कुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नियमों को ताक पर रखकर बनी मेधा सूची
बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय द्वारा जारी विज्ञापन संख्या-01/2025 के तहत बेगूसराय में बहाली की प्रक्रिया चल रही थी। अगस्त 2025 में जब 422 रिक्तियों के विरुद्ध 612 उम्मीदवारों की मेधा सूची जारी हुई, तभी से विवाद गहराने लगा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 अक्टूबर 2025 को एक उच्चस्तरीय जाँच समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट में जिला समादेष्टा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।
- प्रक्रियागत चूक : नामांकन और मेधा सूची प्रकाशन में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई।
- मनमाना चयन : शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में बेहतर प्रदर्शन करने वालों को बाहर कर कम अंक वालों को जगह देने की पुष्टि हुई।
- दस्तावेजों में हेरफेर : कई ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया जिनके प्रमाण पत्र संदिग्ध या अवैध पाए गए।
मुख्यालय बदला, केवल निर्वाह भत्ता मिलेगा
गृह विभाग के संयुक्त सचिव उपेंद्र प्रसाद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अखिलेश कुमार ठाकुर को बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के तहत दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बेगूसराय से बदलकर महानिदेशक कार्यालय, पटना कर दिया गया है। उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्तियों में किसी भी प्रकार की ‘सेटिंग’ या धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है।
अभ्यर्थियों में जगी न्याय की उम्मीद
बेगूसराय के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने इस धांधली के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया था। योग्य उम्मीदवारों का आरोप था कि फिजिकल और मेडिकल टेस्ट में सफल होने के बावजूद अंतिम सूची में उनका नाम हटाकर अपात्र लोगों को शामिल किया गया। इस निलंबन के बाद अब उन युवाओं में उम्मीद जगी है कि मेधा सूची को संशोधित किया जाएगा और वास्तविक हकदारों को नौकरी मिलेगी।


