Giriraj Singh : 18वीं लोकसभा के गठन के बाद दूसरे वित्तीय वर्ष का समय पूरा होने को है, लेकिन बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का रिपोर्ट कार्ड क्षेत्र की जनता को निराश करने वाला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, विकास के लिए आवंटित करोड़ों रुपये का फंड इस्तेमाल के अभाव में पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों की गति सुस्त पड़ गई है।
आवंटित ₹9.80 करोड़, खर्च सिर्फ ₹1.85 करोड़
MPLADS (सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना) के तहत बेगूसराय के सांसद को अब तक लगभग ₹9 करोड़ 80 लाख की राशि मिल चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसमें से अब तक केवल ₹1 करोड़ 85 लाख ही खर्च किए गए हैं। यानी बजट का महज 18.9% हिस्सा ही धरातल पर पहुंच सका है।
कागजों पर दावे, जमीन पर अधूरे काम
MPLAD पोर्टल के अनुसार, सांसद द्वारा कुल 38 प्रोजेक्ट्स रिकमेंड (अनुशंसित) किए गए थे। इनमें से अब तक केवल 12 प्रोजेक्ट ही ‘Completed’ (पूर्ण) की श्रेणी में दर्ज हैं। बाकी के 26 प्रोजेक्ट या तो अधर में लटके हैं या केवल कागजी प्रक्रियाओं तक ही सीमित हैं।
कहाँ खर्च हुआ पैसा?
अब तक जिन 19 प्रोजेक्ट्स के लिए भुगतान की प्रक्रिया शुरू हुई है
| कार्य का क्षेत्र | प्रोजेक्ट्स की संख्या |
| सामुदायिक केंद्र / हॉल | 07 |
| ड्रेनेज सिस्टम / सड़कें और रास्ते | 06 |
| स्कूल और कॉलेज भवन | 03 |
| सांस्कृतिक भवन | 01 |
| फुटपाथ निर्माण | 01 |
| कुल खर्च राशि | ₹1,84,51,344 |
विकास की धीमी चाल क्यों?
आपको बता दे की बिहार में कुल 40 लोकसभा सांसद हैं और 5 वर्षों के दौरान विकास के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये मिलते हैं। ऐसे में आवंटित ₹9.80 करोड़ में खर्च सिर्फ ₹1.85 करोड़ का उपयोग होने का सीधा मतलब है बेगूसराय की जनता को उन नई सड़कों, आधुनिक स्कूलों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, जिनका वादा चुनाव के समय किया गया था।
इन आंकड़ों का सबसे चिंताजनक पहलू यह भी है कि एक ओर सरकार विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित कर रही है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर उसका इस्तेमाल न होना प्रशासनिक और राजनीतिक विफलता की ओर इशारा करता है।

