Begusarai News : आगामी चैती दुर्गा और रामनवमी पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए DM श्रीकांत शास्त्री और पुलिस अधीक्षक मनीष ने विस्तृत संयुक्त आदेश जारी किया है। इस वर्ष 19 मार्च से 28 मार्च तक चलने वाले इस पर्व के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
225 संवेदनशील बिंदुओं पर फोर्स तैनात
पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे जिले में कुल 225 चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। DM ने स्पष्ट किया है कि रामनवमी शोभायात्रा और मूर्ति विसर्जन के लिए आयोजकों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा। जुलूस केवल उन्हीं मार्गों से गुजरेंगे जो पहले से निर्धारित हैं; किसी भी नए या विवादित मार्ग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इन चीजों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
- डीजे पर रोक : भड़काऊ, आपत्तिजनक संगीत या उन्मादी नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- हथियार प्रदर्शन : जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या जानवरों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
- विद्युत व अग्नि सुरक्षा : पूजा पंडालों में अस्थायी बिजली कनेक्शनों की जांच और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
महिला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के खास इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडालों में महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार होंगे। विशेष रूप से महिला पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि छेड़खानी जैसी अवांछित गतिविधियों पर लगाम कसी जा सके।
सोशल मीडिया पर डिजिटल पहरा
अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सतत निगरानी करेगा। भ्रामक सूचना या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को आगे फॉरवर्ड न करें।
नियंत्रण कक्ष और इमरजेंसी नंबर
विधि-व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में जिला नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।
- कार्यकाल : 27 मार्च की सुबह से 28 मार्च की शाम तक।
- हेल्पलाइन नंबर : 06243-222835
घाटों पर SDRF की तैनाती
प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल निर्धारित घाटों का ही उपयोग होगा। सुरक्षा के लिहाज से वहां SDRF की टीम और गोताखोर मौजूद रहेंगे। नदियों में क्षमता से अधिक लोगों को ले जाने वाली नावों या अवैध नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।


