दवाई के पत्तों के बीच में खाली जगह डिजाईन कोई नहीं, जरूरी कारणों से होता है यह स्पेस

Medicine ka patta

डेस्क : अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में हम ऐसी कई चीजों का इस्तेमाल करते हैं जिनके बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती है। कुछ चीजें थोड़ी अलग भी होती है जिनके मायने हमें नहीं पता होते हैं। उदाहरण के लिए हम दवाई के पत्ते को ले लें। जब हम दवाई लेते हैं तो उसके पत्ते पर दवाइयों से कहीं अधिक जगह खाली होते हैं।

दवाई के पत्तियों पर दबाव के बीच में इतनी स्पेस ऐसे ही नहीं छोड़ी जाती। इसका खास वजह होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में, अक्सर हम दवा खरीदते हैं खासकर महंगी दवाई, तो उसके पत्ते पर काफी ज्यादा खाली स्पेस होता है। यदि पूरी पत्ती एक टेबलेट हो और बाकी जगह खाली होता है तो यह कोई डिजाईन नहीं है। दवा कंपनियां काफी सोच समझकर ही यह खाली स्पेस छोड़ती है।

दरअसल दुनिया में ऐसी कई सारी दवाईयां है जिन्हें अन्य देशों में सप्लाई किया जाता है। कई तरह के ट्रांसपोर्टेशन के जरिए इन दवाओं को अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता है। यह दवाइयां एक दूसरे से जगह लेते हुए टूटे ना या खराब ना हो इस वजह से खाली जगह छोड़ी जाती है। दवाई के पत्तों पर खाली जगह होने से प्रेशर सामान्य पड़ता है जिससे दवाएं खराब नहीं होती हैं। इसके अलावा कई बार हम देखते हैं कि कम दवा लेने पर दुकानदार हमें दवा को काट कर देता है। ऐसे में अब इन दवाओं के बीच में यदि स्पेस ना हो तो दवा को काटने में दिक्कत होगी। इन सुविधाओं से बचने के लिए दवाओं के पत्तियों पर खाली स्पेस दिया जाता है।

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