New Rules : अब बदल जाएंगे बैंक खाते से जुड़े KYC के नियम, जानें – क्या होगा बदलाव……

New KYC Rule : आजकल हर किसी के पास बैंक खाता हो चुका है और हर कोई ऑनलाइन ही बैंक से संबंधित काम पूरा करता है। आज के समय में हर कोई बैंक से जुड़े हुए काम या डिजिटल लेनदेन ही करता है। कई सारे लोगों के पास बैंक से केवाईसी केमैसेज आ रहे होंगे।आपको बैंक से जुड़ी KYC करवाना जरूरी है। अब KYC से जुड़ा नया नियम आया है। दरअसल FSDC यानि Financial Stability and Development Council की बैठक खत्म हो गई है।

बैंक से संबंधित इस बैठक में यूनिफार्म KYC, KYC के रिकॉर्ड की सिफारिश की गई है। अब क्स बैठक में KYC को और भी ज्यादा आसान और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बताने की देश के वित्त मंत्री निर्माण सीतारमण की अध्यक्षता में Financial Stability and Development Council (FSDC) की 28वीं बैठक हुई है।

वित्त मंत्री ने दिया सुझाव

देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2030 का बजट पेश करते हुए कहा था कि इंडिविजुअल्स की आइडेंटिटी और एड्रेस को प्रमाणित करने के लिए एक वन स्टॉप सोल्यूशन इस्तेमाल हो सकता है। इस बारे में वित्त मंत्री ने कहा था कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों, रेगुलटर्स, रेगुलेटेड एंटिटीज को डिजीलॉकर सर्विस और आधार कार्ड के जरिये पहचान और पते के मिलान और इसे अपडेट करने के लिए एक ही जगह व्यवस्था की जानी चाहिए।

KYC क्या होती है?

इस प्रक्रिया के तहत ग्राहकों को KYC फॉर्म के साथ में अपने सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट इत्यादि की फोटो कॉपी जमा करते है। सभी कंपनियां, बैंक, सरकारी योजना एवं फाइनेंशियल इंसीट्यूशंस सभी डॉक्युमेंट को जमा करते हैं। ताकि भविष्य में कोई भी दुर्घटना होने पर उस व्यक्ति की पहचान की जा सके।इसके अलावा KYC करवाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये बैंक और ग्राहक के बीच के KYC के रिश्ते को अधिक मजबूत करता है। बिना KYC के किसी भी तरह का इन्वेस्टमेंट करना नामुमकिन है। इसके बिना आप बैंक खाता भी नहीं खोल सकते है।