कंगना रनौत ने जाहिर की पद्मश्री मिलने की खुशी, कहा- देश को तोड़ने वाली शक्तियों के खिलाफ आवाज उठाने का इनाम मिला है : देखें Video

Kangna Ranaut

डेस्क : कंगना रनौत बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनको शुरू से ही चैलेंजिंग रोल करना बेहद पसंद है। लेकिन इन सब बातों को परे रखते हुए आपको बता दें की उनको अब पद्म पुरस्कार मिला है। यह समारोह सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह पुरस्कार दिया। पुरस्कार पाने वालों में कंगना रनौत, अदनान सामी, एकता कपूर, करण जौहर और दिवंगत गायक एसपी बालासुब्रमण्यम शामिल हैं।

सम्मान के बारे में बात करते हुए, कंगना ने कहा “मैंने हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गाँव से अपनी यात्रा शुरू की, और मेरे लिए यह एक बड़ी बात है की मैंने बॉलीवुड की फिल्म और वही सीरियल देखते हुए बड़ी हुई जो एक आमजन घर पर देखते हैं। चाहे वह करण जोहर की फिल्में हों या एकता कपूर के धारावाहिक हों मैं बचपन से यही सब देखकर बड़ी हुई हूँ। मैंने अदनान सामी जी के गाने भी सुने हैं? मेरे जैसी लड़की के लिए उनके साथ पद्मश्री मिलना एक गर्व की बात है।”

Kangana Ranaut after being honoured with the Padma Shri.

कंगना रनौत ने अवार्ड लेने के बाद कहा की मैं उन सबकी आभारी हूँ जिनकी वजह से मुझको यह अवार्ड मिला है। मैं सबका धन्यवाद देना चाहती हूँ। मैं इस देश की और साथ ही सरकार की आभारी हूँ। मैंने इस लाइन में पैसे से ज्यादा दुश्मन बनाए। इस वक्त मेरे ऊपर न जाने कितने केस हैं, कोई भी मेरे को काम करते देखना नहीं चाहता लेकिन मेरी भी जिमेदारी है, की खालिस्तानी, जिहादी और देश द्रोहियों के प्रति लगातार बोलती रहू। लोग मुझे इनसे लड़ने के लिए मना करते थे, लेकिन अब यह पुरस्कार उन सब लोगों के मुँह बंद कर देगा।

समारोह में कंगना के अलावा गायक अदनान सामी और फिल्म निर्माता एकता कपूर भी शामिल थी। पद्म श्री से सम्मानित होने के बाद, अदनान ने एएनआई से बात की और बताया की वह इस अवार्ड को अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहते हैं। “कभी-कभी आपके पास खुद को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं होते हैं। सरकार के लिए धन्यवाद। लोगों के लिए धन्यवाद, उनके बिना कुछ भी संभव नहीं है। मैं इसे अपने माता-पिता को समर्पित करता हूं। यह न केवल एक सम्मान है बल्कि एक जिम्मेदारी भी है, मैं कोशिश करूंगा की आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन कर सकू।

You cannot copy content of this page