कोरोना और ब्लैक फंगस के बाद व्हॉइट फंगस का नया संकट, पटना में मिले 4 मामले, डायबिटीज के मरीजों को

White Fungus Bihar

डेस्क : कोरोना महामारी के बीच अब लोग ब्लैक और वाइट फंगस से परेशान हो रहें है। कोरोना के मरीजों में वाइट फंगस के लक्षण नजर आ रहे हैं। यह वाइट फंगस उन लोगों को हो रहा है जो पहले से ही कोरोना ग्रस्त हैं। बिहार में वाइट फंगस के 4 मामले सामने आए हैं। पीएमसीएच की माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉक्टर एसएन सिंह ने बताया कि वाइट फंगस पेशेंट के लिए बहुत घातक साबित हो सकता है।

वाइट फंगस पेशेंट के दिमाग, नाखून, गुप्तांग, किडनी, फेफड़े के अलावा स्किन में हो रहा है। कई मरीजों को एंटीफंगल दवा देकर इस बीमारी को खत्म किया जा रहा है। जैसे ही यह बीमारी खत्म होती है तो पेशेंट का ऑक्सीजन लेवल 95% तक बढ़ जाता है। बिहार में बीते 24 घंटे के अंदर 104 संक्रमित लोगों की मौत हुई है। साथ ही बिहार राज्य में 6059 लोग करोना संक्रमित पाए गए हैं, रिकवरी रेट 90% से भी ज्यादा हो गया है।

इस मंगलवार को राज्य में 6286 संक्रमित आए थे जो कि बुधवार के आंकड़ों से ज्यादा है। आने वाले दिनों में आंकड़े कम होने की उम्मीद लगाई जा रही है। बात की जाए बिहार के मुख्य जिलों की तो उसमें पटना सबसे आगे है, जहां पर कोरोना के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिले हैं। आंकड़ों के मुताबिक पटना में 1244 संक्रमित मामले हैं, औरंगाबाद में 227, भागलपुर में 261, नालंदा में 212, सुपौल में 278, बेगूसराय में 335, मधुबनी में 247 मामले सामने आए हैं।

वही दूसरी ओर ब्लैक फंगस की बात की जाए तो भारत की राजधानी दिल्ली में इस वक्त सबसे ज्यादा मामले निकल कर आ रहे हैं। दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस की दवाइयों के लिए मदद मांगी है, बता दें कि दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस के लिए नए सेंटर भी तैयार किए हैं, जहां पर मरीजों को अस्पतालों से सीधी दवा पहुंचाई जाएगी।

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