बिहार में होली खेलते-खेलते युवक ने भर दी लड़की की मांग, फिर जो हुआ वह आप भी जानिए

Bhagalpur Marriage Bihar

डेस्क : होली के दिन जब लोग होली खेलते हैं तो गुलाल को गाल पर रंगते हैं। पर बीते होली के त्यौहार पर लड़की के गाल के बजाय मांग में गुलाल भर दिया गया और जिसने उसकी मांग में गुलाल भरा उससे उसकी शादी हो गई। बता दें कि लड़के का नाम राहुल है और लड़की का नाम ज्योति है जिस तरह से हिंदी फिल्मों में होता है, बस उसी तरीके से होली खेलते हुए लड़के ने लड़की को अपने जीवनसाथी के रूप में चुन लिया। यह घटना भागलपुर जिला की है जहां पर कहलगांव प्रखंड के वजीरपुर गांव में रहने वाला राहुल और उसी गांव की रहने वाली ज्योति ने फिल्मी अंदाज में शादी कर ली।

उनका प्रेम प्रसंग बीते 1 वर्ष से चल रहा था। वह रोज गाँव के अलग अलग हिस्सों में भागकर मिलते थे। लुका-छुपी का खेल बहुत दिनों तक चलता यु ही चलता रहा। लेकिन, जब यह बात पूरे गांव को पता चल गई तो लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। ऐसे में होली वाले दिन मौका देखकर ज्योति ने होली खेलने के लिए राहुल का घर चुना और वह अपनी सहेलियों के साथ राहुल के घर पहुंच गई। जब वह दोनों एक दूसरे के आमने सामने खड़े थे तो अपने अंदर की बेचैनी को रोक नहीं पाए और एक दूसरे के गालों को जमकर रंगा। इसके बाद उन्होंने सोच लिया कि अब वे दोनों एक हो जाएंगे और शादी के पवित्र रिश्ते में बंध जाएंगे फिर बिना किसी देरी के राहुल ने ज्योति की मांग में सिंदूर भर दिया। यह बात उनके घर वालों को पता चल गई। संयोग की बात यह रही की वह एक ही जाति से हैं।

इस वजह से दोनों के घर वाले परेशान नहीं हुए और उन्होंने उनकी शादी कर डाली। दोनों परिवार वालों ने सोचा कि होली के 1 दिन बाद ही दोनों की शादी कर देंगे। बता दें कि राहुल इंटर की छात्र है और ज्योति बीए कर रही है। लेकिन, आपको तो पता ही है कि प्रेम उम्र नहीं देखता। दोनों की शादी गांव में ही स्थित शिव मंदिर में हुई और शादी के सभी रीति-रिवाज उन्होंने निभाए। दोनों को बड़े बड़ों का आशीर्वाद मिला और सबने कामना की कि उनके आगे का जीवन सुख पूर्वक बीते। राहुल अपने माता पिता के साथ रहता है वह अपनी स्वर्गीय माता पुष्पा देवी का एकलौता पुत्र है और उसकी चार बहने हैं। पिताजी बाल विकास परियोजना से रिटायर हो चुके हैं। उनकी माता ने आंगनवाड़ी में काम किया है। ज्योति भी अपने मां-बाप की इकलौती पुत्री हैं, जिनके दो भाई हैं। फिलहाल यह तो उनके घर वालों की बात हुई। लेकिन आगे का जीवन राहुल और ज्योति सुख पूर्वक बिताने के लिए तैयार हैं।

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