बिहार में ताड़ी पीने वाले भी हो जाएं सावधान, शराबबंदी कानून के तहत ताड़ी पीने पर शख्स को सुनाई गई सजा…

Tari

बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अभी तक सैकड़ों लोगों को शराब पीने पर जेल की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन राज्य में अब ताड़ी पीने वालों को भी डरना होगा। दरअसल बिहार की एक अदालत ने ताड़ी पीने के जुर्म में एक शख्स को सजा सुनाई है। बिहार शरीफ जिला न्यायालय के द्वितीय एडीजे सह उत्पाद विशेष न्यायाधीश संतोष कुमार ने एक शख्स को ताड़ी पीने के जुर्म में सजा सुनाई है।

4 साल पहले हुआ था गिरफ्तार- करायपरसुराय थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी भवेश प्रसाद को 4 साल पहले सड़क पर नशे की हालत में घूमते हुए गिरफ्तार किया गया था। मेडिकल जांच के बाद पता चला कि भवेश प्रसाद ने शराब नहीं बल्कि ताड़ी का सेवन किया है। बहस के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन अपराध है , इसलिए आरोपी को सजा सुनाई जानी चाहिए। कोर्ट ने सरकारी वकील के दलीलों को सही मानते हुए भवेश प्रसाद को उत्पाद अधिनियम को धारा 37ए के तहत 50 हज़ार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस राशि को जमा नहीं करवाने पर तीन माह कारावास में गुजारना होगा।

बिहार में लागू है पूर्ण शराबबंदी- बिहार में 2016 से ही पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है , इसी कानून में ताड़ी पीने को भी अपराध माना गया है। बिहार सरकार ने 2016 में बिहार उत्पाद (संसोधन) अधिनियम या कहे तो शराबबंदी कानून लागू किया था। इसी कानून के तहत राज्य में ताड़ी का सेवन भी अपराध के श्रेणी के डाल दिया गया है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा ताड़ी के पौधे से ही निकलने वाले पौष्टिक तत्व को नीरा पेय पदार्थ के रूप में बाज़ार में उतारा गया था।

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