दोस्त की बहन को ही दिल दे बैठे थे पप्पू यादव, किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है इनकी प्रेम-कहानी जाने

Pappu Yadav ranjitaa love story

डेस्क : जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। उनके जीवन में अनेकों उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उनकी जेल से लेकर राजनीति तक की यात्रा काफी दिलचस्प रही है। आज हम पप्पू यादव की प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको सुनकर आपको यकीन हो जाएगा की उनकी प्रेम कहानी किसी फिल्मी से कम नहीं है।

पप्पू यादव की प्रेम कहानी जेल से शुरू होती है बता दें कि वह एक समय पर जेल में सजा काट रहे थे। तब उन्होंने रंजीता को देखा था, रंजीता उनके दोस्त की बहन थी। पप्पू यादव को रंजीता से शादी करने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े थे। यह यात्रा इतनी आसान नहीं हुई थी बल्कि उनको एक बार सुसाइड करने तक की नौबत आ गई थी। जब पप्पू यादव के प्यार की शुरुआत हो गई तो पप्पू यादव रंजीता को मन ही मन चाहते थे, लेकिन वह कहने में हिचकिचाते थे। उन्होंने अनेकों प्रयास किए लेकिन रंजीता नहीं मानी, तब जाकर उन्होंने खुदकुशी का निर्णय किया। खुदकुशी के निर्णय के बाद रंजीता पप्पू को पसंद करने लगी थी।

उस वक्त पप्पू यादव को बांकीपुर जेल में बंद कर दिया गया था। बांकीपुर जेल का जो अधीक्षक था उसके घर के पास खेल का मैदान था जहां पर बच्चे क्रिकेट खेला करते थे। पप्पू यादव उनको पूरे दिन निहारते रहते थे। इन्हीं लड़कों में से एक रंजीता का भाई था, जिसका नाम विक्की था। वह रंजीता से छोटा था। पप्पू यादव ने विक्की को अपना दोस्त बना लिया और फिर विक्की ने धीरे-धीरे अपने घरवालों की बातें बतानी शुरू कर दी। एक दिन विक्की ने घरवालों की फैमिली एल्बम पप्पू यादव को दिखाई जिसमें रंजीता टेनिस खेलती दिख रही थी। उनकी टेनिस खेलने वाली पिक्चर को देखकर पप्पू यादव फिदा हो गए और फिर वह उन मौकों की तलाश में लग गए जिनसे रंजीता तक पहुंच सके।

जब पप्पू यादव भी उनसे मिलने की कोशिश करते थे तो रंजीता को यह हरकत पसंद नहीं आती थी। रंजीता ने पप्पू यादव से साफ कह दिया था कि हम सिख परिवार से हैं और हिंदू के साथ रिश्ता नहीं कर सकते। इसके बाद पप्पू यादव ने ढेर सारी नींद की गोलियां खा ली जिसके चलते उनको अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उनकी तबीयत में सुधार काफी समय बाद आया था लेकिन जब तबीयत ठीक हो गई तो रंजीता भी राजी हो गई। इसके बाद परिवार वाले परेशान हो गए।

काफी मेहनत और मशक्कत के बाद पप्पू यादव के घर वाले इस शादी के लिए राजी हो गए लेकिन रंजीता के घर वाले जरा भी नहीं माने जिसके चलते पप्पू यादव के घर वालों ने कांग्रेसी नेता एसएस अहलूवालिया से मदद मांगी। एसएस अहलूवालिया की मदद से पूर्णिया के गुरुद्वारे में रंजीता और पप्पू यादव की शादी करवा दी। पप्पू यादव का एक बेटा और एक बेटी है, बेटा क्रिकेट खेलता है और बेटी दिल्ली में पढ़ाई करती है।

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