बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में जिंदा शख्स को डेथ बताकर डॉक्टरों ने परिजनों को सौंपा, फिर ऐन वक्त पर पत्नी ने..

डेस्क : बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) से एक बहुत बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। डॉक्टर की लापरवाही के चलते परिजनों ने जिंदा व्यक्ति को मरा हुआ समझकर बॉडी अंतिम संस्कार घाट पर पहुंचा दी। जब पत्नी ने चेहरा देखने की जिद्द की तो ऐसा खुलासा हुआ जिसके बाद सभी के होश उड़ गए।

अंतिम संस्कार के समय चेहरा देखने पर हुआ खुलासा: मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जब अंतिम संस्कार के समय मृतक के पत्नी ने जिद्द करके पति का चेहरा दिखाने को कहा जैसे ही मुंह पर से कफ़न हटाया। वहां पर मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए। शव किसी अन्य का था। पीएमसीएच के डॉक्टरों ने जिसे मृत बता दिया था वह स्वस्थ्य और सुरक्षित है। और अपना इलाज पीएमसीएच में ही करा रहा है। इस मामले के सामने आते ही अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया और उन्होनें शव को अंतिम संस्कार घाट से वापस मंगा लिया। पीएमसीएच अधीक्षक आइएस ठाकुर ने कहा है कि मामले कि जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शव की कद-काठी देखकर पत्नी को हुआ था शक: पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि चुन्नु का शव उन्हें नहीं सौंपा गया और कोरोना पॉजिटिव होने के कारण शव को सीधे बांसघाट पहुंचा दिया। पत्नी को शव की कद-काठी देखकर शक हुआ तो उसने चेहरा दिखाने की जिद्द की। जिसके बाद एंबुलेंस चालक से कहकर शव का चेहरा खुलवाया गया। शव चुन्नु का नहीं होने पर सभी के होश उड़ गए।

हैमरेज का इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती हुआ था: जानकारी के अनुसार पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र का रहने वाले चुन्नु कुमार को ब्रेन हैमरेज हुआ था। जिसके बाद उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान वह कोरोना संक्रमित भी पाया गया। अस्पताल प्रशासन ने इसके बाद चुन्नु के परिवार को उससे मिलने नहीं दिया। रविवार की सुबह अस्पताल से जानकारी मिली कि मरीज की हालत गंभीर है और थोड़ी ही देर में उसे मृत बता दिया गया।

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