बिहार में लॉकडाउन लगने में हुई देर, अस्पताल में कोरोना के 5 % तो घरों में 95 % मरीज सरकार करे समुचित इलाज की व्यवस्था – कांग्रेस

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न्यूज डेस्क : बिहार सरकार ने 5 मई से 15 मई तक लॉक डाउन लगाने का फैसला लिया है। हालांकि लॉक डाउन की मांग बहुत पहले से की जा रही थी। परंतु सरकार इस मांग पर विचार करना उचित नहीं समझी इसके जगह तीन बार गाइडलाइंस जारी किये गए । हालांकि हाई कोर्ट में सोमवार को हुए सुनवाई के बाद कोर्ट की फटकार पड़ने पर बिहार सरकार को लॉक डाउन लगाने का दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ। जिसके बाद मंगलवार को लॉक डाउन की घोषणा की गई।

बिहार सरकार के इस फैसले पर बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ललन कुमार ने बिहार सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय के फटकार के बाद राज्य सरकार ने आज लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के इस फैसले पर तंज कसते हुए श्री कुमार ने कहा कि बिहार सरकार का देर से लिया गया ये फैसला बिहार को तबाह करने के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा कि आज घर-घर अस्पताल बन गया है। जितने मरीज अस्पतालों में हैं वो कुल मरीजों की संख्या के केवल 5 प्रतिशत हैं जबकि 95 प्रतिशत कोविड पॉजिटिव मरीज घरों में अपना इलाज करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब जब मकड़जाल की तरह कोरोना फैल चुका है, तब न्यायालय के फटकार के बाद राज्य सरकार ने लॉकडाउन लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग किया कि घरों में रहकर इलाज करा रहे मरीजों को ऑक्सीजन और प्राणरक्षक दवा व इंजेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के बाद राज्य सरकार की नींद तो खुल गयी लेकिन केंद्र सरकार अब भी कोरोना को लेकर गंभीर नहीं हो रही है जबकि देश में त्राहिमाम की स्थिति है।

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