मुश्किल वक्त में चिराग पासवान के सामने खड़ी है बड़ी चुनौती

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डेस्क : रामविलास पासवान के निधन के बाद अब उनके पुत्र चिराग पासवान के आगे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आपको बता दें कि उनके पिता समय-समय पर उनका मार्गदर्शन किया करते थे पर अब वह नहीं है। इस वक्त सामने बिहार विधान सभा चुनाव सर पर है। ऐसे में चिराग पासवान के ऊपर घर संभालने से लेकर पार्टी को संभालने की जिम्मेदारी आ चुकी है।

रामविलास पासवान ने 1 साल पहले ही चिराग के हाथों में पार्टी की कमान सौंप दी थी और लोजपा पार्टी के निर्णय चिराग खुद लेने लगे थे, परंतु रामविलास पासवान एक बड़े कद के साथ समय-समय पर अपने बेटे को लाभ देते रहते थे, पर वह लाभ अब नहीं मिलेगा। अमन के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है चुनाव का प्रदर्शन।

चुनाव के नामांकन के लिए सिर्फ 6 दिन बचे हैं लेकिन अब तक इस चरण के प्रत्याशियों के नाम तय नहीं किए गए हैं और यह प्रक्रिया अगर पूरी हो जाती है तो उसके तुरंत बाद तीसरे चरण का नामांकन भी चालू होना है। आपको बता दें कि पहले चरण के लिए प्रत्याशियों का चुनाव चालू हो चुका है। पहले चरण के मतदान 28 अक्टूबर से चालू हो जाएंगे। पिछले कुछ समय से पिताजी की तबीयत खराब होने की वजह से वह कुछ सप्ताह से पार्टी को अपेक्षित समय नहीं दे पा रहे थे वहीं दूसरी और 8 अक्टूबर को पिता के निधन के बाद स्थितियां सामान्य नहीं है।