May 19, 2022

पिता ठेले पर बेचते हैं सब्‍जी, माँ करती है सिलाई- बिहार बोर्ड टॉपर अंकित गुप्‍ता से मिलने पहुंचे लोग

bihar board topper ankit gupta

डेस्क : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी कि बिहार बोर्ड ने साल 2022 के 12 वीं का परिणाम घोषित कर दिया है। जिसमें यह साफ़ हो गया है कि यदि मन में चाह और लगन हो तो आपकी किसी भी इच्छा को पूरा करने में कोई भी बाधा नहीं आती है। बीएसईबी की परीक्षा में ओवरऑल टॉपर कला संकाय के छात्र संगम राज के पिता गोपालगंज में ई रिक्शा चलाते हैं।

अंकित के टॉपर बनने की ख़बर सुनकर उनके सभी मित्र रिश्तेदार और जान पहचान वाले के साथ मिडिया वाले भी उनके पास जा पहुंचे। तब देखा कि अंकित गुप्ता अपने पिता के साथ पटना की एक गली में सब्जी बेच रहे हैं। वह अपने परिवार के साथ पटना के इंद्रपुरी मुहल्ले में रहते हैं और इसी गली में उनके पिता सब्जी की दुकान लगाते हैं। अंकित गुप्ता ने 473 अंक लाकर बीडी कॉलेज का नाम राज्य भर में रौशन किया है। स्नातक के बाद अंकित सिविल सेवा पास कर देश की सेवा करना चाहते हैं।

इंद्रपुरी के रहने वाले अंकित के पिता ठेले पर सब्जी बेचने का काम करते हैं। वहीं मां सरिता देवी गृहणी है। वे मूल रूप से पटना जिले के धनरूआ के वीर गांव के रहने वाले हैं। 35 साल पहले अंकित के पिता पटना आ गए और यहां किराए पर रहकर सब्जी बेचने का काम करते हैं।अंकित ने कहा कि वह हर दिन 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने वाणिज्य में टॉपर बनने के सपने को पूरा किया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से छह से आठ घंटा कॉलेज के अतिरिक्त पढ़ाई करते थे और छुट्टियों के दिनों में सहायता के लिए पिता के दुकान पर सब्जी भी बेचते थे।

उन्होंने बताया कि पढाई के लिए उनके माता-पिता का भी मोटिवेट करते थे।वही कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस के छात्र पीयूष को वाणिज्य संकाय में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। अब वह सीए बनना चाहते हैं। उन्हें 472 अंक हासिल हुआ है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने पिता निरंजन कुमार और मां सुधा देवी के साथ कॉलेज के शिक्षकों को देते हैं। उन्होंने बताया कि हर दिन 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे। शाम में दोस्त के साथ ग्रुप डिस्कशन भी किया करते थे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। उनके पिता डॉक्टर कॉलोनी में एक डॉक्टर के कंपाउंड है। वे मूल रूप से गया जिले के खिजरसराय गांव के रहने वाले हैं और 15 वर्षों से पटना में किराए के मकान में रह रहे हैं।