कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर बिहार के शख्स को 3 साल की जेल और लगा 10 लाख का जुर्माना, विदेश मंत्रालय से गुहार

न्यूज़ डेस्क : कोविड-19 प्रोटोकॉल को तोड़ना इस कदर महंगा पड़ेगा, यह बात बिहार के एक युवक को तनिक भी मालूम नहीं था। बता दें कि बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले मोहम्मद खालिद को बहरीन में कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने पर करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना और तीन साल के लिए जेल हो गई है। इस बात का दावा हैदराबाद में रह रहे है उसके भाई हुसैन अहमद ने किया। अहमद ने अपने भाई को रिहा करवाने के लिए विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है। अहमद का कहना है कि उनका छोटा भाई मोहम्मद खालिद पिछले 8 सालों से बहरीन में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। पिछले साल अपने परिवार से मिलने मार्च महीने में बिहार के मधुबनी जिले में स्थित अपने गांव आया था। फिर कुछ दिनों बाद वापस चला गया।

Khalid

बहरीन में कोरोना पॉजिटिव होने के चलते के युवक होम क्वारेनटाईन में था: भाई अहमद का कहना है की मेरे भाई मोहम्मद खालिद को बहरीन में 18 मई को कोरोना हो गया था। कुछ दिन अंदालुस होटल में रखा गया था। फिर तबियत बिगड़ने पर कुछ दिन स्लमानिया अस्पताल में रखा गया। ठीक हो जाने पर 31 मई छुट्टी दे दी गई। उसके बाद बहरीन के कोविड के कड़े नियमों के अनुसार हाथ की कलाई में इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकर लगाकर 17 दिनों तक होम क्वारेनटाईन रहने के लिए कहा गया था। वह अपने कमरे में होम क्वारेनटाईन में था।

डिलीवरी खाना के लिए बाहर निकला बस किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दी: उसका भाई अदमद ने दावा किया कि जून 7 तारीख को खालिद को कोई खाना पहुंचाने वाला नहीं मिला तो वह घर से कुछ ही दूरी पर खाना लाने गया था। कि किसी ने उसके कलाई पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकर देख कर उसका वीडियो बना कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस तक पहुंच गई। जिसके बाद उसी दिन खालिद को गिरफ्तार कर लिया गया। कोविड टेस्ट किया गया जिसमें निगेटिव रिपोर्ट आई। फिर भी कोर्ट ने कोविड के नियमों का उल्लंघन करने के जुर्म में तीन साल जेल की सजा और 5000 बहरीन दिन्नार (9 लाख 72 हजार रुपये) जुर्माना थोप दिया।

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