चुनाव में मिलने के बाद हुई दोस्ती, दोस्ती के बाद हुआ प्यार फिर शादी – दिलचस्प है माया-रविशंकर की प्रेम कहानी

ravi shankar with wife

ravi shankar with wife

डेस्क : आज यानी 14 फरवरी प्यार का दिन माना जाता है, जिसको कई लोग वैलेंटाइन डे के रूप में बनाते है। वैलेंटाइन के दिन प्रेमी जोड़े अपने-अपने तरीके से प्यार जताते हैं। ऐसे सर आम लोग ही नहीं बल्कि देश की सत्ता में विराजमान मंत्री भी इस दिन को अपने तरीको से मना रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी है आईटी मंत्री रवि शंकर और उनकी पत्नी माया की।

इनके प्यार की शुरुआत पढाई की उम्र में हो गई थी। लेकिन वह अपनी पत्नी से चुनाव के मौके पर ही मिले। इस मुलाक़ात के दौरान उनकी दोस्ती हो गई, फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। रवि शंकर प्रसाद ने अपनी पढ़ाई पटना यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने वकालत की हुई है जब उनकी दोस्ती के बीच में लगाव शुरू हुआ तो जल्द ही दोस्ती प्यार में बदल गई और उसके बाद दोनों ने मिलकर शादी करने का फैसला किया। आपको बता दें कि जब से दोनों की शादी हुई है, तब से 39 साल बीत चुके हैं और परिवार में एक बेटा और बेटी है।

आजकल 39 साल का लंबा फासला तय करना किसी शादीशुदा जोड़े के लिए आसान बात नहीं है। लेकिन यह तो पुराने दंपति है हालांकि पुराने दंपति होने के बावजूद भी दोनों वैलेंटाइन डे एक साथ मनाते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि रविशंकर प्रसाद का जन्म राजधानी पटना में हुआ था। उनके पिता का नाम ठाकुर प्रसाद है जो पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील हुआ करते थे। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के सहायक भी रह चुके हैं। रविशंकर प्रसाद ने अपना राजनितिक जीवन 1970 में शुरू किया था। एक समय 70 के दशक में पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लगाए जाने पर बड़े आंदोलन किए जा रहे थे और लोग इंदिरा गांधी का विरोध कर रहे थे। उस दौरान विरोध प्रदर्शन में रविशंकर ने जमकर हिस्सा लिया था और जेपी नड्डा की सरकार में छात्र आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे।

You may have missed

You cannot copy content of this page