'Sai's Kitchen'

बेगूसराय : जरूरतमंदों के लिए उम्मीद बनी ‘साईं की रसोई’, 6 साल से जारी है सेवा का सफर

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मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है– इसी संकल्प के साथ युवाओं की एक टोली बीते 6 वर्षों से जरूरतमंदों का सहारा बनी हुई है। जनसहयोग से संचालित यह मुहिम रोजाना सैकड़ों गरीबों को भोजन उपलब्ध करा रही है। 29 अगस्त 2019 को महज 5 युवाओं ने बेगूसराय सदर अस्पताल परिसर के पास ‘साईं की रसोई’ की नींव रखी थी। तब से अब तक यह कारवां लगातार बढ़ता गया और आज टीम में लगभग 30 सदस्य जुड़ चुके हैं। हर पेशे से जुड़े लोग एक ही उद्देश्य के साथ साथ आए हैं- जरूरतमंदों की सेवा….

महज 5 रुपये में भोजन

‘साईं की रसोई’ हर रोज शाम को सदर अस्पताल के पास स्टॉल लगाती है, जहाँ मात्र 5 रुपये में भरपेट भोजन कराया जाता है। इतना ही नहीं, रोजाना 35 से 40 गरीबों को निःशुल्क भोजन पैकेट भी वितरित किए जाते हैं। टीम के सदस्य बताते हैं कि 5 रुपये सहयोग राशि इसलिए ली जाती है ताकि लोगों को यह अहसास न हो कि उन्हें मुफ्त खाना मिल रहा है। भोजन का महत्व वे समझें और सम्मान के साथ ग्रहण करें।

आपदा और जरूरत में भी सबसे आगे

यह टीम सिर्फ रोजाना का भोजन ही नहीं, बल्कि बाढ़, कोरोना जैसी आपदा के समय भी मददगार रही है। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना हो या जरूरतमंदों तक दवाइयाँ पहुँचाना- ‘साईं की रसोई’ ने हर मौके पर मानवता की मिसाल पेश की है।

जनसहयोग से चल रही है मुहिम

इस पुनीत कार्य में समाज के हर तबके के लोग हाथ बंटा रहे हैं। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर लोग स्वेच्छा से आकर आर्थिक सहयोग करते हैं और अपनी तरफ से मिठाई व अन्य भोजन सामग्री वितरित करते हैं। संस्थापक सदस्य किशन, नितेश, अमित, पंकज और निखिल कहते हैं- आज भी ऐसे कई लोग हैं जिन्हें रोज का एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता। समाज में सहयोग की भावना तो है, लेकिन उसके लिए सही प्लेटफॉर्म की कमी रहती है। ‘साईं की रसोई’ लोगों को भरोसेमंद मंच उपलब्ध कराती है, ताकि वे दिल से जरूरतमंदों तक मदद पहुँचा सकें।”

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