बेगूसराय में कोरोना का कहर : पुत्र से लिपटकर रो भी ना सकी माँ, कोरोना ने घर के एकलौते कमाऊ सदस्य को लीला मचा कोहराम

Rajwanshi Rajak

न्यूज डेस्क : बेगुसराय में कोरोना अब तक कई हँसते खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। इस दौरान बेगूसराय के खोदाबन्दपुर से दिल को पसीजा देने बाली मार्मिक स्थिति सामने आ गयी। जब एक घर का कमाऊ पुत्र कोरोना से जंग हार गया। वह कोरोना काल में भी अंतिम दम तक फर्ज के लिये डटे रहे । लेकिन होनी के सामने एक न चली।

खोदावंदपुर पीएचसी में बुधवार की दोपहर कोरोना से एक नियोजित शिक्षक की मौत हो गयी। मृतक खोदावंदपुर पंचायत वार्ड एक बजही टोल निवासी स्व. राजेन्द्र बैठा के 35 वर्षीय पुत्र राजवंशी रजक थे । वे एक नियोजित शिक्षक थे। जो वर्तमान में खोदाबन्दपुर प्रखण्ड के मेघौल पंचायत के प्राथिमिक विद्यालय भीड़बाबा स्थान में पदस्थापित थे। परिजनों ने बताया कि मृतक विगत चार पांच दिनों से बीमार चल रहा था। बुधवार को अपने परिजनों के साथ खोदावंदपुर पीएचसी कोरोना जांच के लिए गया था। जांच के पश्चात मां बेटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया। संक्रमित शिक्षक की हालत नाजुक देखकर उसे जांच के लिए कोविड अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। एम्बुलेंस के इंतजार में उक्त शिक्षक को एक किनारे बैठा दिया। एम्बुलेंस के आने में बिलंब हुआ।

इस बीच मे उक्त शिक्षक वहीं पर खाना खाया। खाना खाने के बाद उनको उल्टी हुई , और अकस्मात उनकी मौत हो गयी। शिक्षक के मरने के बाद एम्बुलेंस आया लेकिन तबतक देर हो चुकी थी । शिक्षक राजवंशी रजक के मौत से उसके परिजनों में कोहराम मच गया है। घर मे बूढ़ी मां जवान पत्नी तीन छोटे छोटे बच्चे अनाथ हो गए । पति की मौत की खबर सुनकर लाश से दूर बेसुध पड़ी है । और बूढ़ी मां अपने सामने जवान बेटे की लाश को देखकर कलेजा फार फार कररो रही है । अस्पताल में कोरोंना प्रोटोकॉल का ऐसा पहरा है कि नातो अपने बेटे के शव से लिपट सकती और न ही छू सकती है। इस कारुणिक दृश्य को देखकर हर कोई हतप्रभ था।

अपने परिवार का एकलौता कमाऊ सदस्य था मृतक शिक्षक मृतक राजवंशी अपने परिवार का एकलौता कमाउ पुत्र था जिनके सर पे बूढ़ी मां और पत्नी समेत छोटे छोटे बच्चे है के लालन पालन का भार था । इसके आकस्मिक मौत से परिवार जनों पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा है । अब इस परिवार को कौन देखेगा । सब के सब मर्माहत है ।

You cannot copy content of this page