Kanhaiya Kumar : दिनकर की धरती बेगूसराय से निकलकर कम समय में राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बना चुके बीहट के युवा नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) को कांग्रेस ने केरल की जिम्मेदारी सौंपी है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उन पर भरोसा जताते हुए केरल में पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाने का दायित्व दिया है।
कांग्रेस ने कन्हैया को केरल का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि हिंदी भाषी बिहार के नेता को दक्षिण भारत के केरल राज्य में क्यों भेजा गया और इसके पीछे कांग्रेस की क्या रणनीति है।
दरअसल, कन्हैया का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ है और वे लंबे समय तक वामपंथी राजनीति से जुड़े रहे हैं। 2019 का लोकसभा चुनाव उन्होंने बेगूसराय से वाम दल सीपीआई के टिकट पर लड़ा था। केरल वह राज्य है जहां कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीधा मुकाबला होता है।
ऐसे में कांग्रेस कन्हैया को एक रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है। वामपंथी राजनीति की गहरी समझ रखने के कारण कन्हैया वाम दलों की सोच, नीति और चुनावी रणनीति को बेहतर तरीके से समझते हैं, जो कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
कन्हैया की भाषण शैली में भी वामपंथी नेताओं की झलक दिखती है। माना जा रहा है कि अगर वे केरल में लगातार समय बिताते हैं तो वाम दलों के समर्थकों को कांग्रेस की ओर आकर्षित करने में सफल हो सकते हैं। इसके अलावा कन्हैया की पहचान एक बौद्धिक नेता के रूप में है। केरल देश का सबसे अधिक साक्षर राज्य है, ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि कन्हैया कुमार शिक्षित और वैचारिक मतदाताओं पर प्रभाव डाल पाएंगे।
कन्हैया कांग्रेस के उन युवा नेताओं में शामिल हैं, जिन पर राहुल गांधी विशेष भरोसा करते हैं। भारत जोड़ो यात्रा हो या वोटर अधिकार यात्रा, हर बड़े कार्यक्रम में कन्हैया की सक्रिय भूमिका देखने को मिली है। कई सार्वजनिक मंचों पर वे राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए हैं। हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी कन्हैया कुमार के नेतृत्व में रोजगार यात्रा निकाली गई थी।
लगातार दो लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) का सदस्य बनाया है। यह साफ संकेत है कि कांग्रेस नेतृत्व उन्हें भविष्य का बड़ा चेहरा मान रहा है और केरल की जिम्मेदारी इसी भरोसे की अगली कड़ी मानी जा रही है।

