Begusarai Sadar Hospital : बेगूसराय सदर अस्पताल में प्रस्तावित अत्याधुनिक बर्न वार्ड परियोजना के निर्माण में हो रही देरी पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्री सह स्थानीय सांसद के अपर निजी सचिव (APS) दिवाकर दुबे ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित किया है। पत्र के माध्यम से परियोजना की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने और इसे शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
5 साल बाद भी परियोजना अपूर्ण
गौरतलब है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और BMSICL के बीच 19 मार्च 2021 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस परियोजना की कुल लागत ₹387.61 लाख निर्धारित है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परियोजना को गति देने के लिए ₹77 लाख की अग्रिम राशि का भुगतान भी काफी समय पहले किया जा चुका है, इसके बावजूद निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्यों है बर्न वार्ड की आवश्यकता?
पत्र में रेखांकित किया गया है कि जिला मुख्यालय समेत पूरे अनुमंडल और ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक दुर्घटनाओं, रसोई गैस विस्फोट और आगजनी की घटनाओं की स्थिति में मरीजों के पास स्थानीय स्तर पर कोई उच्च स्तरीय उपचार केंद्र उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को पटना या अन्य जिलों में रेफर करना पड़ता है। रेफरल के दौरान समय की हानि होने से मरीजों की जान पर जोखिम बना रहता है। स्थानीय स्तर पर बर्न वार्ड बनने से यह जीवनरक्षक प्रणाली के रूप में मील का पत्थर साबित होगा।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रमुख निर्देश
मंत्री कार्यालय द्वारा जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय कार्ययोजना पर अमल करने को कहा गया है
- परियोजना की अब तक की प्रगति और वास्तविक धरातलीय स्थिति की जांच।
- विलंब के तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय कारणों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई।
- एक निश्चित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य को पुनर्जीवित करना।
- आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य विभाग, IOCL और कार्यकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक कर निगरानी सुनिश्चित करना।
- की गई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट से केंद्रीय मंत्री कार्यालय को निरंतर अवगत कराना।


