बेगूसराय सदर अस्पताल को बेहतर बनाने की कवायद जारी है। अस्पताल को ONGC के सीएसआर फंड से 3 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों में लेप्रोस्कोपिक मशीन, ईएनटी उपकरण, नियोनेटल वेंटिलेटर, डिफ्रिब्रिलेटर, ए-स्कैन, फिजियोथैरेपी मशीन, आर्टेरियल ब्लड गैस उपकरण, लेबर डिलीवरी बेड, रिकवरी बेड और फुल फाइलर बेड शामिल हैं। इन सभी का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा किया गया।
हालांकि, अस्पताल के आधुनिकीकरण के इन दावों के बावजूद आम जनता अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है। अस्पताल में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के बावजूद मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
बताया जा रहा है कि अब अस्पताल में कीमोथेरेपी और लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को बेहतर इलाज मिलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है।
खस्ता हालत बनी बड़ी चुनौती
पिछले कई दशकों से सदर अस्पताल में सुधार की प्रक्रिया कागजों और मशीनों तक ही सीमित रही है। जब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, तो अक्सर उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि सुविधा उपलब्ध नहीं है या डॉक्टर मौजूद नहीं हैं। कई मरीज बिना इलाज के ही वापस लौटने को मजबूर हैं।
जनता का सवाल अब भी वही है—आखिर इन आधुनिक उपकरणों के साथ बुनियादी सुविधाएं कब उपलब्ध होंगी?
मंत्री ने किया निरीक्षण
उद्घाटन समारोह के दौरान ONGC के नीरज कुमार बंसल, डीएम श्रीकांत शास्त्री, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार और मटिहानी के पूर्व विधायक राजकुमार सिंह भी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों में मरीज नहीं आते थे, लेकिन अब मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल उपकरणों से नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन और सेवाओं से ही अस्पताल की स्थिति सुधर सकती है।


