बेगूसराय में खाद की कालाबाजारी पर सख्ती, Shrikant Shastri के निर्देश पर सघन जांच
सभी प्रखंडों में उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण
बेगूसराय जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण तथा आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया।
जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के निर्देश पर सभी प्रखंडों में उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक एवं बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
BDO और कृषि पदाधिकारी की संयुक्त टीम सक्रिय
प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा निजी उर्वरक दुकानों, PACS तथा बिस्कोमान केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत जांच की गई और विभिन्न केंद्रों पर भौतिक सत्यापन किया गया।
पोर्टल और वास्तविक स्टॉक का मिलान
अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं के पास मौजूद स्टॉक का iFMS पोर्टल और PoS मशीन में दर्ज स्टॉक से मिलान किया।
यह सुनिश्चित किया गया कि पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में किसी प्रकार का अंतर न हो।
साथ ही निरीक्षण के दौरान:
रेट बोर्ड की जांच
स्टॉक रजिस्टर (प्रपत्र N) की जांच
बिक्री पंजी का सत्यापन
PoS मशीन से रसीद निर्गत करने की प्रक्रिया की जांच
की गई, ताकि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।
खरीफ मौसम से पहले पर्याप्त स्टॉक का दावा
जिला पदाधिकारी ने बताया कि मार्च से मई के दौरान उर्वरकों की खपत कम रहती है, लेकिन जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
सभी विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे स्टॉक सुरक्षित रखें और निर्धारित नियमों के तहत ही बिक्री करें, ताकि खरीफ मौसम में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो।
रिपोर्ट सौंपने और कार्रवाई के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी जांच दलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी संयुक्त रिपोर्ट जिला कृषि पदाधिकारी को उपलब्ध कराएं।
इन रिपोर्ट्स के आधार पर उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए इस तरह की औचक जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।

