गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा के गांव में नही था जैवलिन अभ्यास के लिये मैदान, जाने इनसे जुड़े संघर्ष के किस्से

Neeraj CHopra

न्यूज डेस्क : आज पूरा भारत खुशी से झूम रहा है, नाच रहा है। नाचे भी क्यों ना “देश का हीरा, ओलंपिक से सोना लाया है” जी हां हम बात कर रहे हैं, देश की शान नीरज चोपड़ा की। पूरे भारतवासी को उन पर गर्व महसूस हो रहा है। आइए जानते हैं उनसे जुड़े बेहद आम एवं खास किस्से हैं। अब नीरज पर ईनामों की बौछार हो रही है। हर भारत वासी नीरज की इस सफलता पर गर्व कर रहा है। उन्होंने भारत को खुशी से झूमने का मौका दिया है। इसको लेकर देश भर में बधाइयों का दौरा चल रहा है। राष्ट्रपति, पीएम , खेल मंत्री सहित देश के तमाम गणमान्य लोग देश की झोली में गोल्ड मेडल पाकर गौरवान्वित हो रहे हैं। बताते चलें कि नीरज चोपड़ा का यह पहला ओलम्पिक था और उन्होंने पहले ही ओलंपिक में इतिहास रच दिया ।

जीवन परिचय नीरज चोपड़ा का जन्म 19 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत के एक छोटे से गांव खंडरा में हुआ था। नीरज चोपड़ा के पिता का नाम सतीश कुमार है। उनके माता का नाम सरोज देवी है। नीरज चोपड़ा के घर में इनके माता-पिता के अलावा दो बहन भी हैं। नीरज चोपड़ा के पिता पेशे से किसान तथा माता गृहणी हैं। नीरज चोपड़ा ने अपनी आरंभिक शिक्षा जिले के ही स्कूल से प्राप्त की है। तत्पश्चात खेल में व्यस्त होने के कारण आगे की पढ़ाई ओपन स्कूल से कि। उसके बाद उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए की डिग्री प्राप्त की।

सुविधाओं की कमी थी, काफी संघर्ष में बीता है बचपन नीरज चोपड़ा एक छोटे से गांव से आते हैं। जहां सुविधाओं अभाव होती है। नीरज को भी अन्य बच्चों के भांति ही छोटी- छोटी चीजों के लिए कष्ट करना पड़ा। नीरज के गांव में मैदान ना होने के कारण इनको सड़क पर ही अभ्यास करना पड़ता था। लेकिन कहते हैं ना ‘डर कर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”। अपने मेहनत लगन और जुनून से अपने सामने उत्पन्न समस्याओं को अनदेखा कर आज पूरे दुनिया में भारत का परचम लहराया है।

फोन में देखकर जैवलिन सीखते थे नीरज चोपड़ा मन में कुछ करने की इच्छा हो तो इंसान वह सब कुछ कर सकता है, जो वह चाहता है। ऐसे ही नीरज चोपड़ा बचपन में फोन में देख कर ही जैवलिन सीखते थे। जबकि उस वक्त यूट्यूब नहीं हुआ करती थी। फोन में सबसे लो क्वालिटी के वीडियो होते थे। जिसे वे गौर से देख कर अपना अभ्यास पूरा करते थे।

बचपन में बड़े नटखट थे नीरज चोपड़ा जी हां! ऊपर सही पढ़ा आपने, नीरज भी बचपन में हमारे- आपके तरह ही बहुत नटखट थे। अपने गांव में सबके प्यारे नीरज को गांव से बहुत प्रेम है। साथ ही वहां के सभी चीजों से भी। नीरज बचपन में भैंसों की पूंछ घुमा कर भाग जाते थे। इन हरकतों से सब की हंसी छूट पढ़ती थी। क्योंकि नीरज बचपन में बहुत मोटे हुआ करते थे, जिस वजह से भागते में थुलथुलापन दिखाई पड़ता था। जिस वजह से वे बहुत ही क्यूट दिखते थे।

नीरज चोपड़ा से जुड़े रोचक बातें

  1. देश की शाम नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पोस्ट पर कार्यरत है।
  2. नीरज चोपड़ा को अर्जुन पुरस्कार 2018 में सम्मानित किया गया था।
  3. पहले नही खाते थे नॉन वेज, ओलंपिक ले लिया खाने लगे।
  4. नीरज चोपड़ा ने कोरोना महामारी में पीएम केयर्स फंड में 2 लाख रूपये दिए थे।

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