पटरी पर सामने जानवर हो या इंसान, देखने के बावजूद भी Train क्यों नहीं रोकता Train Driver ?

Indian railways Train (2)

डेस्क : इंडियन रेलवे (Indian Railways) का बहुत बड़ा नेटवर्क है। ऐसे में जब भी ट्रेन लंबे रास्ते से होकर गुजरती है तो अक्सर देखा गया है कि उसकी पटरी पर कोई ना कोई जीव आ जाता है। ऐसे में ट्रेन(Train) बिना रुके ही आगे बढ़ जाती है, जिसके चलते कई बार हमें पटरी पर जानवरों की लाश के साथ-साथ इंसानों की लाश भी देखने को मिलते हैं। भारत में कई जंगल वाले इलाके हैं जहां पर जानवर आते जाते रहते हैं।

Indian Rajdhani Train

उन इलाकों से ट्रेन का आना जाना भी लगा रहता है। ऐसे में आपके दिमाग में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर ड्राइवर को यह पता लगने के बाद भी “की कोई पटरी पर है ” फिर भी वह ट्रेन रोक नहीं पाता। आखिर ट्रेन ड्राइवर ब्रेक लगाने में इतना हिचकता क्यों है ? बता दें कि ट्रेन(Train) अपने आप में काफी भारी होती है। ऐसे में वह अपने साथ कई अन्य डिब्बों को लेकर चलती है जब वह एक रफ्तार पकड़ लेती है तो उसका रुकना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ट्रेन में जो ब्रेक मौजूद होते हैं वह एक प्रेशर पर काम करते हैं, यह ब्रेक वही आम वाहन में लगे हुए ब्रेक होते हैं। इन ब्रेक्स को ट्रेन के हर पहिए पर लगाया गया होता है। यदि ट्रेन का ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए तो ट्रेन कम से कम 1 किलोमीटर दूर जाकर रुकती है। साथ ही साथ ट्रेन का रुकना इस बात पर भी निर्भर करता है कि आखिर ट्रेन का वजन कितना है। ज्यादातर मामलों में ट्रेन का वजन काफी ज्यादा होता है।

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दरअसल यहां पर ब्रेक पाइप से प्रेशर दिया जाता है, तब जाकर ट्रेन पूरी ताकत से करीब 1 किलोमीटर बाद रूकती है। जब आप ट्रेन के डिब्बे में मौजूद लीवर को खींचते हैं तब भी कुछ इसी प्रकार से ट्रेन के पहिए में प्रक्रिया होती है और ट्रेन रुक जाती है। यदि ट्रेन का ड्राइवर ट्रेन को रोकना चाहता है तो उसे काफी दूर से देख लेना चाहिए कि ट्रेन की पटरी पर कौन है। यदि कोई अचानक से सामने आ जाए तो ट्रेन का ड्राइवर कुछ नहीं कर सकता और जब ट्रेन की पटरी मुड़ रही होती है तब भी ड्राइवर के लिए काफी परेशानी खड़ी हो जाती है। जब ट्रेन मुड़ रही होती है तो ब्रेक लगाने से ज्यादा ख़तरा बढ़ जाता है।

यदि रात के वक्त की बात की जाए तो अंधेरे में जितनी रोशनी इंजन से निकलती है, उतनी दूर की पटरी ड्राइवर को नजर आती है जिसके चलते रात के वक्त ट्रेन का ड्राइवर लगातार हॉर्न बजाते हुए चलता है। ऐसे में यदि कोई हादसा हो जाता है और ड्राइवर पर सवाल आता है तो वह ज्यादातर यही कहता नजर आता है कि कोई जानबूझकर किसी को नहीं कुचलता है। ऐसी दुविधा में ड्राइवर जो हो सकता है वह करने का प्रयास करता है ताकि पटरी पर मौजूद जीव जंतु बच सकें और दुर्घटना को होने से टाला जा सके।