4 February 2023

आज से बदल जाएंगे कारों से जुड़े ये नियम, जुर्माने से बचना है तो तुरंत करें

traffic challan

डेस्क : वाहनों की सुरक्षा के लिए एक अक्टूबर से नया नियम लाया जा रहा है, टायरों को अब खास मानकों के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। वहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में दो महीने बाद बैटरी सेफ्टी नॉर्म्स पेश किए जा रहे हैं।

अगर आपके पास भी कार है तो बता दें कि 1 अक्टूबर 2022 से इससे जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं। यह वाहनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए टायरों से संबंधित नियम ला रहा है। वहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में लगी बैटरियों के लिए नए सेफ्टी नॉर्म्स अगले महीने पेश किए जा रहे हैं।

बता दें कि परिवहन मंत्रालय आजकल वाहनों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और 2024 तक सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के अपने लक्ष्य पर काम कर रहा है. इसी वजह से सरकार कई नए नियम शामिल कर रही है.

टायर के नियम: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन सुरक्षा के लिए वाहन के टायरों के डिजाइन में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इसे 1 अक्टूबर से लागू किया जाएगा, इसके अनुसार आज से नए डिजाइन के अनुसार टायरों का निर्माण किया जाएगा। नए डिजाइन वाले टायरों वाली कारों की बिक्री अगले साल 1 अप्रैल से होगी।

नए नियमों के अनुसार C1, C2, और C3 श्रेणी के टायरों के लिए AIS-142:2019 स्टेज 2 के नियम अनिवार्य किए गए हैं, 1 अप्रैल 2023 से नए वाहनों में यह अनिवार्य होगा। एआईएस-142:2019 चरण 2 के नियमों में सड़क पर टायर घर्षण, सड़क पर ढीली पकड़ और ड्राइविंग करते समय टायर रोलिंग शोर से संबंधित नियम शामिल हैं।

वर्तमान में, इन नियमों के अनुसार टायर डिजाइन करने के लिए मानदंड जारी किए गए हैं और जल्द ही परिवहन मंत्रालय टायर के लिए स्टार रेटिंग पेश करने जा रहा है। इस रेटिंग के आधार पर टायर की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा।

बैटरी सुरक्षा नियम दिसंबर में आ रहे हैं: परिवहन मंत्रालय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में आग लगने की घटनाओं को कम करने के लिए बैटरी सेफ्टी नॉर्म्स लाने की तैयारी कर रहा है। इसे पहले 1 अक्टूबर, 2022 से लागू किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1 दिसंबर कर दिया गया है, इस नियम को दो चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमें पहले चरण के नियम को 1 दिसंबर, 2022 को और दूसरे चरण के नियम को 1 दिसंबर को लागू किया जाएगा।

इस नए नियम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपडेटेड AIS 156 और AIS 038 Rev.2 मानकों को अनिवार्य किया जाएगा। इसके लिए मसौदा अधिसूचना जारी कर दी गई है।