PhD अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, अब पीएचडी में प्रवेश के लिए बदलेगा नियम

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न्यूज डेस्क : पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बताते चलें कि उच्च शिक्षा में सुधार तीनों के लिए शोध में निबंधित होने वाली परेशानियों में काफी कमी हो जाएगी। पीएचडी करने की पात्रता मास्टर डिग्री के बाद मिलती है। विश्वविद्यालयों में पीएचडी और एमफिल के प्रवेश से जुड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है।

इसके तहत इन में प्रवेश के लिए सिर्फ इंटरव्यू ही चयन का आधार नहीं बनेगा बल्कि लिखित परीक्षा में भी आये अंको को जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार होगी । इसमें से लिखित परीक्षा के लिए 70 फ़ीसदी अंक तय होंगे। बताते चलें कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन लगातार प्रयासरत है। बावजूद इसके कई दफे इससे जुड़ा ऐसा भी मामला सामने आया कि कई विश्वविद्यालय नियम और कानून को ताक पर रखकर पीएचडी रजिस्ट्रेशन में इंटरव्यू के समय अनियमितता कर देते हैं। इसी से छुटकारा पाने के लिए वैसा नियम बनाया जाएगा कि पीएचडी में प्रवेश के लिए सिर्फ इंटरव्यू ही चयन का आधार नहीं होगा बल्कि व्यक्ति द्वारा लिखित परीक्षा में पाए गए नंबर को जोड़ कर भी मेरिट लिस्ट बनाया जाएगा। जिसके बाद फाइनल मेरिट लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा ।

इस नियम के लागू होने के बाद उच्च शिक्षा और पीएचडी रजिस्ट्रेशन में गुणवत्ता में सुधार होने की आशा जग गई है। जो अभ्यर्थी आने वाले समय पीएचडी करने के इच्छुक है उनके लिए यह बहुत ही अच्छी खबर है।

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