सरकार की अनोखी पहल, ऑनलाइन होंगे सभी पुराने एवं नए जमीनी रिकार्ड्स – जानें इसके बारे में

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डेस्क : बिहार में अब जमीनी कार्यवाही के लिए जो भी काम होगा वह ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके लिए सरकार पोर्टल भी लांच करने जा रही है। आपको बता दें कि पुराने दस्तावेजों को रखरखाव करने में काफी परेशानी होती थी। इसके लिए सरकार ने नया विकल्प निकाला है वह सारा कार्य ऑनलाइन कर देगी। हालांकि, इससे धांधली करने वालों की भरमार हो सकती है।

लेकिन, सारा कार्य संभालने के लिए और संगठित तरीके से सभी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए जमीनी काम को ऑनलाइन ले जाया जा रहा है।अगर सारे जमीनी कागजात ऑनलाइन आ जाते हैं तो उनके साथ छेड़छाड़ होने की संभावना भी कम हो जाती है सारे रिकॉर्ड संभाल के रखे जा सकते हैं और इसमें किसी भी आदमी की लापरवाही की वजह से कोई दस्तावेज इधर-उधर नहीं हो सकता। इसमें प्रधान लिपिक और अंचलाधिकारी द्वारा मदद ली जाएगी। जमीन के सभी दस्तावेजों को एक हार्ड डिस्क में रखा जाएगा और इस वक्त सरकार बिहार में 534 अंचल आधुनिक अभिलेखागार बनाए जा रहे हैं। इन अभिलेखागार में वह सारी जानकारी रहेंगी जो एक जमीन के पैमानों को जांच करने के लिए अनिवार्य है।

इस वक्त 534 अभिलेखागार में से 436 अभिलेखागार तैयार किए जा चुके हैं और एक 170 का डाटा सेंटर भी तैयार किया जा चुका है।इससे बार बार अभिलेख करने की आवश्यकता नहीं होगी। निजी जमीन और सरकारी जमीन की सभी जानकारी पोर्टल पर दाल दी जाएगी। इन सभी जानकारियों में नामांतरण पंजी एवं अभिलेख, रिवीजन सर्वे खतियान, कैडिस्ट्रल सर्वे खतियान,चकबन्दी खतियान, संकल्प, भूमि बंदोबस्ती पंजी, राज्य सरकार द्वारा निर्गत पत्रों,भू-दान, परिपत्रों, अधिसूचना की रक्षी संचिका के साथ भू-सम्पदा पंजी, वाद का पंजी एवं अभिलेख और भूमि से सम्बंधित पंजीकरण कर ऑनलाइन जमा कर दी जाएगी।

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