JEE एडवांस में बिहार के अर्णव ने 9वीं रैंक हांसिल कर लहराया परचम, विलियम जोंस के रिसर्च को भी ठहरा चुका है गलत

Gold Medal Bihar JEETopper

डेस्क : बिहार का छात्र एक बार फिर चर्चा में बना हुआ है। राज्य अपने इस मेधावी छात्र के कारनामे से उत्सव मना रहा है। आरा के रहने वाले अर्णव आदित्य सिंह AIR 9 रैंक हांसिल कर पूरे देश में अपने ज्ञान का परिचय दिया है। कंप्यूटर इंजीनियर सियाराम सिंह के पुत्र अर्णव शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ईश्वरपुरा के रहने वाले हैं।

अर्णव के पिता बताते हैं कि वे बेंगलुरु में नौकरी करते थे, परंतु अपने बेटे के पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर होते हुए फिजिक्स व केमिस्ट्री की तैयारी हेतु सम्पूर्ण परिवार कोटा शिफ्ट हो गए। अर्णव ने कोटा से ही एक प्रिवेट कोचिंग से जी की तैयारी की। वहीं अर्णव के दादा राजनाथ सिंह पेशे से वकील हैं। वे बताते हैं कि पोते अर्णव ने पूरे देश में 9वां रैंक प्राप्त कर पूरे परिवार को गौरान्वित कर दिया। अर्णव बचपन से ही बहुत पढ़ने में तेज है। उन्होंने आगे कहा कि उसे वैज्ञानिक बनने का मन है। इसके लिए वह काफी मेहनत भी करता है।

55 देशों के 322 विद्यार्थियों में अर्णव हांसिल किया था गोल्ड

बतादें कि इंडियन सोसाइटी ऑफ फिजिक्स टीचर्स के अध्यक्ष प्रो. विजय सिंह और उनके वविद्यार्थ अर्णव ने सर विलियम जोंस के द्वारा 236 वर्ष पूर्व किए गए दावों को निराधार यानी गलत ठहराया दिया था। अर्णव व प्रो सिंह का कहना मनना था कि “लगभग 236 वर्ष पूर्व प्रसिद्ध ओरिएंटलिस्ट सर विलियम जोंस ने भागलपुर से भूटान के माउंट जोमोल्हरी चोटी को नहीं बल्कि कंचनजंघा को देखा होगा।” उनका मानना था कि “लॉकडाउन के बीच वायुमंडल में हानिकारक कणों के घनत्व में कमी और हवा स्वच्छ होने के वजह से भारत के उत्तरी मैदानी हिस्से से हिमालय के कई चोटियां देखी जा सकती थीं। यह दावा किया कि माउंट जोमोल्हरी 7326 मीटर तक ऊंचा है। वहीं चोटी से ज्यादा से ज्यादा 216 KM दूर तक देखी जा सकती है। जबकि, माउंट जोमोल्हरी शिखर और भागलपुर की दूरी 366 किमी है।”

कंचनजंघा की चोटी देखी थी विलियम जोंस ने

विलियम जोंस के उत्तराधिकारी रहे हेनरी कॉल ब्रिज ने पूर्णिया से भी 1790 में माउंट जोमोल्हरी और हिमालय की कुछ चोटियों के दृश्य देखने की बात कही थी। कॉल ब्रिज के पूर्णिया वाले टिप्पणियों का विश्लेषण कर प्रो सिंह और अर्णव ने यह जान था कि विलियम जोंस ने जिस चोटी को देखी थी वो कंचनजंघा की रही होंगी। वहीं अब अर्णव के इस जी के इस शानदार परिणाम के बाद राज्यवासियों में खुशी की लहर है।

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