January 21, 2022

डिग्री कॉलेज निर्माण को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की तैयारी

बखरी में डिग्री कॉलेज निर्माण को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की तैयारी

बेगूसराय बखरी अनुमंडल में डिग्री कॉलेज निर्माण को लेकर शीघ्र ही बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन की दशा-दिशा तय करने के लिए एक-दो दिनों में संघर्ष समिति गठित की जाएगी। उपरोक्त फैसला रविवार को जन पहल की ओर से आयोजित जन सम्मेलन में लिया गया। सम्मेलन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सीटू के राज्य सचिव अंजनी सिंह ने कहा कि आजादी के 73 सालों बाद भी बखरी अनुमंडल में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बखरी में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए जितनी भी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़े, वे इसमें साथ हैं।

बखरी की आवाज को वे जिला में आवाज़ देंगे। सीपीएम जिला सचिव मंडल के सदस्य रविंद्र सिंह ने कहा कि डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण बखरी अनुमंडल क्षेत्र के हजारों गरीब बेटे-बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। जिन छात्र-छात्राओं को किसी तरह दूसरे जिले के कॉलेजों में दाखिला मिल भी जाता है, उन्हें पढ़ने के लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर पार्षद सिधेश आर्य ने कहा कि डिग्री कॉलेज के मुद्दे पर अगर सरकार और प्रशासन अब भी नहीं जगती है तो बखरी का आम आवाम और युवा वर्ग आंदोलन के लिए तैयार है। एबीवीपी के नगर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए वह भरसक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जमीन का मसला एनओसी की पेंच में फंसा है।

सीपीआई के अंचल मंत्री शिव सहनी ने डिग्री कॉलेज के मुद्दे पर सभी दलों से एक मंच पर आने की अपील की। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीप केसरी ने कहा कि डिग्री कॉलेज के मुद्दे पर सभी विचारधारा और दलों के लोगों को उसी तरह एकजुट होने की जरूरत है, जिस तरह अनुमंडल आंदोलन के दौरान एकजुट हुए थे। रालोसपा के नेता और अधिवक्ता मधुसूदन महतों ने डिग्री कॉलेज के लिए आमरण अनशन पर बैठने का सुझाव दिया और कहा कि बिना आंदोलन के ये हासिल नहीं होने वाला है। हम के राष्ट्रीय महासचिव सुभाष सिंह परमार ने कहा कि डिग्री कॉलेज के लिए निर्णायक आंदोलन का वक्त आ गया है। सम्मेलन की अध्यक्षता अरूण कुमार सिंह उर्फ टूना बाबू ने जबकि संचालन जन पहल के संयोजक विकास वर्मा ने किया।

सम्मेलन को पूर्व सरपंच राजीव नंदन, सुरेश सहनी, कमलेश कंचन, एआईएसएफ के ईशु वत्स आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर महफूज साफी, चंदन कुमार, मो जावेद, संतोष साहू समेत बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक- राजनीतिक कार्यकर्त्ताओं ने हिस्सा लिया।

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