बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रधानमंत्री सड़क हादसे को कर रहा आमंत्रित

संवाददाता, बछवाड़ा (बेगूसराय) : प्रखंड क्षेत्र के चमथा दियारा मे वर्ष 2019 के अगस्त – सितम्बर महीने मे आई बाढ़ से जगह-जगह क्षतिग्रस्त प्रधानमंत्री सड़क हादसे को आमंत्रित कर रहा है । चमथा एक पंचायत के वार्ड संख्या एक में लक्ष्मी स्थान के निकट एवं सत्यनारायण सिंह के घर के सामने वार्ड संख्या दो में संजय सिंह के घर के निकट प्रधानमंत्री  सड़क की हालत अधिक ही गंभीर है ।

पिछले वर्ष आई बाढ़ के समय दादुपुर पंचायत के श्रवणटोल से चमथा एक पंचायत के बालूपर तक जगह – जगह  प्रधानमंत्री सड़क पर तीन से चार फुट तक पानी बह रहा था । इस कारण जगह – जगह सड़क के नीचे से मिट्टी बह जाने से सड़क के अस्तित्व पर संकट के बादल मडराने लगे हैं । सड़क के अस्तित्व की रक्षा के लिये  प्रशासनिक स्तर से किसी भी तरह के कोई इंतजाम नही किये गये हैं । सड़क को जस के तस छोड़ दिया गया है । इस सड़क से प्रत्येक दिन बड़खूंट, छोटखूंट, लक्ष्मणटोल, रजौली, बालूपर समेत चमथा के विभिन्न इलाके के साथ – साथ परोसी समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीनगर प्रखंड के पतसिया आदि जगहो के लिये दर्जनो वाहनों का आना – जाना लगा रहता है।

स्थानीय ग्रामीण धीरेंद्र कुमार सिंह, प्रोफेसर नवीन कुमार सिंह, गौरीशंकर सिंह, ॠषिकेश कुमार मुकेश आदि ने बताया कि चमथा दियारे के दर्जन भर जगह पर खोखली सड़क खड़ी है, जो हल्के वजन की गाड़ियों के लिए भी घातक बन सकती है । इस सड़क से भारी वाहनों के साथ ही यात्रियों से भरी बस भी गुजरती है । यहां थोड़ी सी चूक एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। अभी तक सड़क के खतरनाक बने भाग को चिहिन्त कर खतरा का मार्का भी नहीं लगाया गया है, जो स्पष्ट तौर पर पदाधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है।

बताया कि बाढ़ के पश्चात चमथा दियारा आने वाले पदाधिकारी से खतरनाक बनी सड़क को दुरुस्त करने अथवा चिन्हित स्थानो पर  खतरा का चिन्ह लगाने की मांग की गयी थी, परंतु आज तक न तो सड़क की मरम्मत ही हो सकी और नहीं खतरा का कोई चिन्ह ही दर्शाया गया है । इस संबंध मे चमथा एक पंचायत के मुखिया संजय कुमार दास ने बताया कि  बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रधानमंत्री सड़क के मरम्मती के संबंध मे अधिकारियो का ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस सड़क के मरम्मती को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारी उदासीन रवैया अपना रहे हैं । इस बीच अगर किसी तरह की कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी ।