आइए जाने, वह कौन था जिसकी शिक्षा के मैदान में सेवाएं बेमिसाल थी, जो इस दुनिया में नही रहें

Rahmani

गढ़हारा : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव और रहमानी 30 पटना, बिहार के संस्थापक मौलाना वली रहमानी का इंतेक़ाल हो गया है वो 77 साल के थे। पिछले एक हफ्ते से वो बीमार थे। शिक्षा के मैदान में उनकी सेवाएं बेमिसाल थीं।मौलाना के निधन पर विभिन्न सियासी दलों, सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने गहरे रंजो ग़म का इज़हार किया है।

समजसेवी सलाहउद्दीन ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मौलाना के यूं चले जाने से हम सभी सदमे हैं। हम लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले अभिभावक को खो दिया है।अल्लाह उन्हें जन्नतुल फिरदौस में जगह अता फरमाये। उन्होंने रहमानी 30 की स्थापना की है, जो गरीब बच्चों के डॉक्टर व इंजीनियर बनने के सपने को उड़ान दे रहा है। मोनाजीर अहसन, चांद आलम, मुशीर आलम मोफिजुर रहमान,ने कहा कि मौलाना का निधन पूरे मुस्लिम उम्मा के लिए अपूरणीय क्षति है।

दानिश महबूब ने कहा कि हम सब मौलाना के कामों से बहुत प्रभावित थे। मौलाना 1974 से 1996 तक बिहार में एमएलसी भी रहे। वो एक सियासी रहनुमा भी थे। उनके निधन से हम सभी स्तब्ध व दुखी हैं। मो साकिर, मो रिजवान, मो जाकिर, आदि ने मौलाना वली रहमानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

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