Begusarai News : बेगूसराय से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 31 और 28 पर सफर करना अब जान जोखिम में डालने के बराबर हो गया है। अवैध बालू खनन और खुलेआम दौड़ते ओवरलोडेड हाइवा वाहनों ने इन सड़कों को धूल के मैदान में तब्दील कर दिया है। ज़ीरो माइल से सिमरिया (राजेंद्र पुल) तक की सड़कों पर उड़ता धूल का गुबार यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
आंखों के सामने सिर्फ धूल का अंधेरा : इन मार्गों पर सफेद बालू और छाई (राख) लदे दर्जनों हाइवा बेखौफ दौड़ रहे हैं। इनसे उड़ने वाली धूल की मोटी परत सड़क पर जम गई है। खासकर, शाम के समय स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए सामने देख पाना भी मुश्किल है। धूल के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य होने से आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
प्रशासन की चालान वाली औपचारिकता : हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने इस मार्ग पर 36 ब्लैक पॉइंट्स चिन्हित किए हैं। लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के बजाय, पुलिस और परिवहन विभाग मात्र चालान काटकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। आरोप है कि ज़ीरो माइल, बरौनी, फुलवरिया, तेघड़ा और बछवाड़ा थाना क्षेत्रों के रास्ते यह अवैध कारोबार पुलिस की नाक के नीचे फल-फूल रहा है।
सांस की बीमारियाँ और बढ़ती मौतें
स्वास्थ्य पर हमला: उड़ती धूल और छाई के कारण राहगीरों और सड़क किनारे रहने वाले लोगों को दमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं।
खूनी सड़कें: बदहाल सड़कों और गड्ढों के कारण दर्जनों लोग घायल हो रहे हैं और कई परिवार अपने सदस्यों को खो चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी: स्थानीय सांसद और विधायकों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।
नारकीय हुई स्थिति
इधर, राजेंद्र पुल से बलिया तक का इलाका पूरी तरह नारकीय बन चुका है। बालू लदे हाइवा से रिसता पानी और गिरती बालू ने सड़क को फिसलन भरा और खतरनाक बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही अवैध खनन पर रोक और सड़कों की सफाई नहीं की गई, तो यह ‘डेथ ट्रैप’ और भी कई मासूमों की जान ले लेगा।


