पुस्तकालय समाज की सबसे अनमोल धरोहर व किताबें सबसे बड़ी पथ-प्रदर्शक

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डेस्क : बखरी की शैक्षणिक सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहर ‘श्री विश्वबंधु पुस्तकालय’ में पहली बार ‘राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस’ गुरुवार संध्याकाल में समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती प्रतिमा पर द्वीप प्रज्वलित कर शिक्षाविद् आनंद चंद्र झा, रामचंद्र केशरी व प्रधानाध्यापक प्रमोद केशरी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संरक्षण समिति संयोजक रामचंद्र केशरी व शिक्षाविद् आनंद चंद्र झा ने कहा कि पुस्तकालय समाज की सबसे अनमोल धरोहर है जहां की किताबें हमारी सबसे बड़ी पथ-प्रदर्शक होती हैं। इन किताबों के पढ़ने से ही वास्तविक जीवन की शुरुआत होती है, परंतु यह अफसोस की बात है कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे पास किताबों व साहित्य के लिए वक्त नहीं है।

वहीं विषय प्रवेश कराते हुए प्रधानाध्यापक प्रमोद केशरी ने भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक पद्मश्री डॉ एमo एस0 रंगनाथन को याद करते हुए कहा कि ज्ञान के सच्चे साधक स्वामी रंगनाथन ने पुस्तकालय व पुस्तकों को आमजनों तक पहुंचाने का इतना विशद् कार्य किया, जिसके फलस्वरूप उनके जन्मतिथि को भारत में राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है। पुस्तकालय एक संवर्धनशील संस्था है, जहां अधिक-से-अधिक बच्चों को जोड़कर उनके जीवन-निर्माण का कार्य किया जा सकता है। शिक्षक गोपेश झा, प्रधानाध्यापक बिरंची यादव, प्रेम किशन मन्नू, प्रोफेसर सुधीर चौरसिया व रामचंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों तक पुस्तकें पहुंचाने पर जोर देते हुए कहा कि किताबें हमारी सबसे अच्छी, सच्ची व ईमानदार मित्र होती है, जो हमारी पथ-प्रदर्शक होने के साथ संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करती है।

वार्ड पार्षद सिधेश आर्य, शिक्षक दीपक रजक, कुमोद कुमार, सुजीत बहादुरपुरी,निशांत केशरी व हीरा राम ने कहा कि आजके समय में बच्चों, पुस्तकालय और साहित्य के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है, जिसे पाटने की आवश्यकता है। बच्चों को मोबाइल व गैजेट्स के बदले उन्हें किताबों से जोड़ा जाए ताकि नौनिहालों में रचनात्मकता और मौलिकता के साथ मानवता और संवेदनशीलता में वृद्धि हो सके। वहीं सचिव आलोक कुमार व सहसचिव विकास पोद्दार ने जानकारी दी कि पुस्तकालय पठनीयता के विकास तथा अधिक से अधिक लोगों को पुस्तकालय से जोड़ने के लिए अपने मदसे पिछले एक दशक में सर्वाधिक पुस्तकें खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर रही। संचालन शिक्षक बसंत कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन पुस्तकालय प्रतिनिधि कौशल किशोर क्रांति ने किया। इस अवसर पर बखरी के अमर शहीद कीर्ति चक्र विभूषित पिंटू सिंह के ‘शौर्य नमन’ का प्रतीक चिह्न ‘अभिनव पहल’ के द्वारा पुस्तकालय परिवार को भेंट किया गया। अंत में समवेत स्वर में राष्ट्रगान के द्वारा शहीदों को नमन किया गया। मौके पर वार्ड पार्षद नीरज नवीन उमेश कुमार, अभिषेक पोद्दार,सचिन केशरी, कविराज शर्मा,रुपेश कुमार, राजन कुमार, अनुभव आनंद, समीर श्रवण, विपिन कुमार, कुंदन केशरी, गोविन्द शर्मा समेत बड़ी संख्या में युवा सदस्य मौजूद थे।इस अवसर पर पुस्तकालय भवन को नीली रौशनी से सजाया गया।

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