धोनी के संन्यास पर बोले सौरव गांगुली-क्रिकेट में एक युग का अंत

डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है. 2004 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले रांची के लड़के ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन, खेल की गहरी समझ और लीडरशिप क्वालिटी के साथ भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदल दिया.

सबसे सफल कप्तानों की लिस्ट में शामिल सबसे मशहूर और सम्मानित क्रिकेटरों में से एक धोनी विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों की लिस्ट में भी शामिल हैं. यह उनकी लीडरशिप थी कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका में 2007 में हुए टूर्नामेंट के अपने पहले संस्करण में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप जीता था. 2011 में वनडे फॉर्मेट का वर्ल्ड कप भी धोनी की कप्तानी में जीता था. वहीं धोनी की कप्तानी में भारत ने 2013 में इंग्लैंड में हुई ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. इसी के साथ धोनी पहले ऐसे एकमात्र कप्तान रहे जिन्होंने तीनों ICC ट्रॉफ़ी जीती हैं.

21 घरेलू टेस्ट मैचों में जीत दिलाई लिमिटेड ओवरों के फॉर्मेट में उनकी लीडरशिप बेहतरीन रही. उनकी कप्तानी में भारत 2009 में नंबर 1 टेस्ट टीम बन गई और 600 दिनों तक टॉप पर रही. उन्होंने भारत को 21 घरेलू टेस्ट मैचों में जीत दिलाई जोकि कप्तानी के तौर पर सबसे ज्यादा जीत है. धोनी कप्तान के रूप में सबसे अधिक (332) अंतरराष्ट्रीय मैचों का रिकॉर्ड रखते हैं. धोनी के नाम 195 अंतरराष्ट्रीय स्टंपिंग हैं, जो किसी भी विकेट कीपर द्वारा सबसे ज्यादा है.

क्या बोले सौरव गांगुली? बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इसे एक युग का अंत बताया है. गांगुली के मुताबिक कप्तानी के मामले में धोनी जैसा कोई मिल पाना बेहद ही मुश्किल है. खास तौर पर क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट्स में. वनडे फॉर्मेट में उनकी बल्लेबाजी ने दुनिया को उनकी काबिलियत का लोहा मानवाया. हर अच्छी चीज का एक दिन अंत होता है और यह एक शानदार अंत है. धोनी ने विकेटकीपरों के लिए एक मानक सेट किया है कि कैसे पारी के अंत में आकर भी बेहतरीन स्कोर किया जा सकता है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं.

प्रेरणादायक रही कप्तानी: जय शाह बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा कि एमएस धोनी आधुनिक युग के महान लोगों में से एक हैं. मैं इसे व्यक्तिगत निर्णय समझता हूं और हम इसका सम्मान करते हैं. ‘माही’ जैसा कि हम सभी उनके साथ प्यार से पेश आते हैं, उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक असाधारण करियर रहा है. उनकी कप्तानी प्रेरणादायक और सराहनीय रही है. मैं उन्हें आईपीएल और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं.

छोटे शहर से निकलकर देश का गौरव पूरे विश्व में बढाने वाले रियल हीरो हो आप : आरके श्रीवास्तव धोनी तुम बस एक खिलाड़ी नहीं हो सकते, तुम उस हर मिडिल क्लास लड़के को सपना देखने के काबिल बना गए जो सिर्फ एक सरकारी नौकरी तक ही सीमित था, उस क्षेत्र का तुमने प्रतिनिधित्व किया जहां हर गली में टैलेंट है लेकिन कोई माँ बाप अपने बच्चें को बैट पकड़ करके फील्ड में नहीं जाते देख सकता था, ब्लकि किताब-कॉपी लेके पढ़ने देखना चाहता था, लेकिन तुम थे जो उदाहरण के तौर पे इस्तेमाल होते थे कि हमको धोनी बनाना है, हमको क्रिकेट खेलना है, रांची से लेके रावी नदी के तट तक, बिहार से लेकर सिडनी तक बस तुम ही थे जो उदहारण दिए कि लीड कैसे करते है, अपने आक्रमकता को शांत करके उसे अपने कला में कैसे निखारते है, जब भी तुम्हरे दस्तानों में एक गेंद जाती तो लगता अब करिश्मा होगा और होता भी था , स्टंपिंग, कैप्टान्सिपी, कुल, फिनिशिंग न जाने तुम क्या -क्या करना सीखा गए इस विश्व को। हर -बार की तरह इस बार गुमनामी में मत छोड़ कर जाओ, एक लम्हा तो दे देते आखिर बार जिसे कम से कम हम संजोए रहते।