मजदूर का शव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

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भगवानपुर ( बेगूसराय) तेयाय ओपी क्षेत्र के समस्तीपुर गांव निवासी स्व यद्दु रजक के मंझला पुत्र लगभग 50 वर्षीय गोपाल रजक का शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी निर्मला देवी तो पहले से होशोहवास खो चुकी थी बेटी ज्योति, नेहा, राधा सोनी तथा सिम्पी पिता का शव देखते ही दहार मारकर चीखने लगी। ढांढस देने आए लोगों की आंखें पीड़ित परिवार की चित्कार से खूद भींग जाते थे।

उसकी मौत विगत दो दिन पूर्व 31 अगस्त को ही केरला स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी। उसके शव को हवाई जहाज से पटना लाया गया फिर वहां से एम्बुलेंस से घर लाया जा सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक लगभग पन्द्रह वर्षों से केरला स्थित एक मसाला कम्पनी में काम करता था।

लगभग डेढ़ माह पूर्व बाजार जाने के क्रम में किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से बुरी तरह घायल हो गया था तथा कम्पनी के सहयोग से वहीं एक अस्पताल में गहना चिकित्सा कक्ष में भर्ती था, इधर पांच दिन पूर्व उसे होश आया था और पत्नी से दूरभाष पर घर आने की इच्छा जताई थी, लेकिन वह जिन्दा नहीं आ सका। मृतक की पांच पुत्रियां थी जिसमें चार की शादी हो चुकी थी सबसे छोटी सिम्पी कुमारी है जिसकी जिम्मेदारी अब निर्माला के जिम्मे आ गई है। मृतक ही उस परिवार का एक मात्र कमाऊ था, जिसके मौत के बाद परिवार बेसहारा सा हो गया। मृतक मिलनसार और सज्जन था, जिसकी मौत की सदमा से टोले के लोग मर्माहत है।

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