पोखर उड़ाही कार्य में मजदूरों के नाम पर भारी घपला का आरोप

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भगवानपुर (बेगूसराय) मनरेगा के नाम पर प्रखंड क्षेत्र में सरकारी राशि का बंदरबांट पहले से ही होता रहा है,अगर इस में ईमानदारी से जांच हो तो घपले ही घपले दिखेंगे। ऐसा क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का कहना है। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में घपला की सूचना है।इसी कड़ी में प्रखंड क्षेत्र के संजात पंचायत के वार्ड संख्या 11 निवासी बलराम झा ने साहस दिखाते हुए अपने क्षेत्र में पोखर उड़ाही के नाम पर मुखिया व पंचायत रोजगार सेवक के मिलीभगत से गैर मजदूरों के नाम पर भारी अनियमितता का आरोप लगाया है।

उक्त मामले में बलराम झा ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायत पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उक्त वार्ड स्थित पोखर में उड़ाही कार्य के दौरान मजदूरों की जगह गैर मजदूरों के नाम पर स्थल पर बिना काम कराये फर्जी हाजरी बनाकर उसके खाते में राशि भेजी गई ताकि राशि वापसी में सहूलियत हो। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि मुखिया अपने पद का दूरूपयोग करते हुए अपने परिवार के बारह सदस्यों का फर्जी जॉब कार्ड बनाकर तथा फर्जी हाजरी बनाकर सरकारी राशि हड़पने का काम किया है, जबकि उसके परिवार के कोई सदस्य स्थल पर कार्य किया ही नहीं और न ही वे लोग मजदूर के श्रेणी में हैं।वहीं उक्त मुखिया रोजगार सेवक के मिलीभगत से वार्ड संख्या 10 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के सहायिका शीशम देवी के खाते में भी उक्त योजना की राशि भेजी है।

जबकि वह उक्त सहायिका को अच्छी तरह जानती और पहचानती है वहीं पति पत्नी का अलग अलग जॉब कार्ड बनाकर राशि भी निकाली गई, वहीं बीमार व प्रदेश में रहने वाले लोगों के नाम से भी हाजरी बनाई जा रही है। कपड़े के दूकान में बहुत दिनों से काम करने वाली भारती कुमारी ,उसकी बहन गौरी कुमारी जो अभी अविवाहित है और पढ़ाई करती है तथा उसकी मां भौलिया देवी जो पति के प्रदेश में रहती है का भी उक्त योजना में फर्जी हाजरी बनाई जा रही है ।

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बलराम झा ने आगे कहा कि उक्त पंचायत अनुसूचित जाति बहुल है बावजूद मुखिया उसे जॉब कार्ड न देकर चुनाव के दौरान सहयोग करने वाले को जॉब कार्ड उपलब्ध करवा रही है। विदित है कि इसतरह की शिकायत लखनपुर पंचायत सहित अन्य पंचायतों से मिल रही है जिसकी ईमानदारी से जांच कराये जाने की जरूरत है और जांच की मांग संबंधित मंत्री और अधिकारी से की गई है।