Friday, July 12, 2024
Bachhwara News

दबंगों के डर से दलित परिवार ने छोड़ा गांव

बछवाड़ा(बेगूसराय) अपराध को लेकर बिहार में बेगूसराय युं हीं नहीं बदनाम है, यहां के असमाजिक तत्वों के कारनामों पर गौर करें तो यह कहावत फिट बैठती है कि “संईयां भये कोतवाल तो फिर काहे को डर” इसका जिता जागता उदाहरण भी है। बछवाड़ा थाने के चमथा एक पंचायत के वार्ड संख्या 11 बालू पर असमाजिक तत्वों के आतंक व दबंगई से तंग आकर एक पासवान परिवार गांव छोड़ने पर मजबूर है। असमाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर लोगों के बीच दहशत भी फैलाया जा रहा है।

बताते चलें कि विगत शुक्रवार को असमाजिक तत्वों द्वारा खेत में पानी पटवन को लेकर चमथा एक पंचायत के वार्ड नंबर 11 निवासी केदार पासवान की पत्नी मनुकिया देवी और भतीजा राजन पासवान की बेरहमी से पिटाई की गई। स्थानीय लोगों द्वारा घायल दोनों व्यक्ति को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछवाड़ा में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर कर दिया। इस बाबत पीड़िता मनुकिया देवी ने बछवाड़ा थाने में आवेदन देकर मामले की शिकायत की थी, परंतु बछवाड़ा पुलिस के द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए कोई ठोस कदम नही उठाया गया।

जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक बेगूसराय को आवेदन देकर मामले की शिकायत की है। पीड़िता ने आवेदन में बताया कि मामले को लेकर हमने बछवाड़ा थाने में आवेदन देकर शिकायत किया था, परंतु बछवाड़ा पुलिस ने सामान्य धारा अंकित कर केस को रफा दफा करने का प्रयास किया। क्योंकि अभियुक्त के परिजन बछवाड़ा थाने में चौकीदार के रूप में कार्यरत है। ये सभी लोग अवैध शराब का कारोबार भी करते हैं और सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन करते हुए हथियार दिखाकर इलाके में आतंक का पर्याय बने हुए हैं। पीड़ित ने कहा कि अभियुक्तों के द्वारा धमकियां दी जा रही है कि बछवाड़ा थाने में केस किया तो क्या हुआ दो चार तारीख करके मामले को रफा दफा करवा लूंगा। और सभी लोगों को जान से मार लाश को भी गायब कर दूंगा।

क्योंकि मेरे परिजन बछवाड़ा थाने में चौकीदार के रूप में कार्यरत हैं। हत्या को भी गुमशुदगी बनाकर केस को समाप्त करवा लूंगा। उन्होंने बताया कि ये सभी व्यक्ति अपराधी प्रवृति के है, और इनका हौसला इतना बुलंद हैं कि हम दलित परिवार डर के साए में जी रहे है। और हम सपरिवार गांव छोड़ने पर विवश है। गांव में रहने के बाद हमलोगों के साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है। थानाध्यक्ष अमित कुमार कांत ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है जांचोपरांत दोषी व्यक्ति पर कानुनी कार्यवाही की जाएगी। समाचार प्रेषण तक किसी उद्दंड लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।