बछवाड़ा : श्रावणी झुला महोत्सव को ले सांस्कृतिक कार्यक्रम का किया गया आयोजन

Bachwara News

बछवाड़ा ( बेगूसराय ) सुनील कुमार सुशांत प्रखंड क्षेत्र के रानी तीन पंचायत के रानी गांव स्थित राम जानकी ठाकुरवाड़ी परिसर में समाजसेवियों के द्वारा सोमवार की रात श्रावणी झुला महोत्सव को लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन ठाकुरवाड़ी के महंथ नागा राघवेन्द्र दास जी महराज के द्वारा भगवान् की आरती से की गयी। उन्होंने श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि जो भक्त भगवान श्री हरि को पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ झूला पर झूलाते है उन्हें सांसारिक माया एवं अन्य विपत्तियों में झूलना नहीं पड़ता है।

उन्होंने कहा कि झूला महोत्सव आज से नहीं बल्कि सतयुग से ही चली आ रही है। उन्होंने कहा कि इस पांच दिवसीय महोत्सव का समापन श्रावणी पूर्णिमा के दिन होगा।वही श्रावणी झुला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत पुर्णिया के कलाकार प्रभात झा ने गणेश वंदना से किया । उसके बाद कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत की गयी। ‘धीरे से झुला झुलाओ बलमा रे,ओ सावरीयां,एक राधा एक मीरा दोनो ने श्याम को चाहा अंन्तर क्या दोनो दोनो की चाह में बोलो, तन के तंमुरे में दो सांसों के तार बोलो जय सियाराम राम , आदि भजन पर श्रोता झूमते रहे।वही कलाकारों के सुरीली तान व भजन श्रोताओं ने ताली बजाकर कलाकारों का हौसला अफजाही करते रहे। वही कटिहार से पहुंचे कलाकार रंजीत कुमार के द्वारा भी एक से बढ़कर एक भजन की एक प्रस्तुति की गयी।

उन्होने भक्ति गीत ‘जो मै ऐसा जानती प्रीत कि ऐसी दुख होय,तन के तमुरे में जो सांसों की तार बोले,जय शिया राम राम,जय राधे श्याम श्याम,जितना दिया सरकार ने मुझको उतनी हमको औकात नही,आगन म़े वो आगन में, झुला झुलेगे भवावान नंद के आंगन में,शिव समान दाता नही, नगर में जोगी आया,जशोदा के घर में आया। सबसे बड़ा तेरा नाम,भोले नाम,लगन तुझसे लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा। तेरे चरणो में आ बैठे जो होगा देखा जाएगा। आदि भक्ति गीतों पर लोगो ने खूब तालियाँ बजाई। वही मुजफ्फरपुर से पहुंची गायिका अंजली कुमारी ने भी आते आते कार्यक्रम में मनो रंग जमा दी। उन्होने अपने पहली प्रस्तुति में ‘प्यारी ओ प्यारी मैया,राधा से कर दी सगाई।

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सावरी सुरत पे मोहन,दिल दिवाना हो गया। मन ले ना बतिया करेला लाल आंखिया,बहुत सताइले। बताइ भोला भंगीया में मजा क्या पाइले। नहीं खाई खोवा मेवा नहीं मिश्री मला आदि गीतों पर रात भर श्रोता झूमते रहे।कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुखिया अशोक राय,रामपुकार राय,सरपंच सरोज राय, डॉ रामकृष्ण,मंटून राय,राजेश कुमार दारा,मृत्युंजय कुमार,संजीव कुमार,अरुण कुमार मित्र,मनोज सिन्हा,छोटेलाल पासवान आदि लोगो का योगदान सराहनीय रहा।