Friday, July 19, 2024
Technology

समोसा और कचौड़ी के बचे तेल से दौड़ेगी आपकी गाड़ी! इंडियन ऑइल ने तैयार किया बायो-डीजल

डेस्क : सरकार अब हर दिशा में प्रयास कर रही है कि वह ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण का संरक्षण कर सके। ऐसे में वह हर चीज को इको फ्रेंडली बना रही है, बता दें कि जैसे-जैसे मानव सभ्यता आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे धरती पर मौजूद ऊर्जा के स्रोत खत्म हो रहे हैं। इसके लिए अब भारत सरकार भी आगे आ गई है जिसने यह ऐलान किया है कि वह आने वाले समय में खाना बनाने में इस्तेमाल आने वाले तेल से पेट्रोल और डीजल तैयार करेगी। इस तरह की तकनीक बाहर के देश इस्तेमाल कर रहे हैं और वह अपनी गाड़ियों में बायो-डीजल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जो तेल कड़ाही में डाला जाता है, वह इंसान के लिए सिर्फ एक बार गर्म करके खाने लायक होता है। अगर वह बार-बार गर्म किया जाए तो वह सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है। ऐसे में हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर और अन्य घातक बीमारियां इंसान को जकड़ लेती हैं बता दें कि भारत की इंडियन ऑयल एक ऐसी कंपनी है जो सरकार द्वारा संचालित होती है। वह खाना बनाने के लिए होटलों में और अन्य पेट्रोल पंप पर ईंधन की सप्लाई करती है। ऐसे में अब उसने बायोडीजल का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है, जिसके तहत इस कार्य को मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम से अप्रूवल मिल गया है।

अगर यह कार्य पूरा हो जाता है तो इससे देश को आर्थिक लाभ होगा और भारत के भीतर ही बायोडीजल की आपूर्ति बढ़ जाएगी। साथ ही साथ हमको बाहर से तेल खरीदना नहीं पड़ेगा, बल्कि घरों से ही तेल ले लिया जाएगा और उससे बायोडीजल बनाया जाएगा। बता दें कि यह योजना अनेकों ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार देगी। इस काम को रंधन से इंधन का नाम दिया गया है। रंधन का अर्थ है पाक कला से जुड़ा हुआ। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा है कि अगर रसोई में एक ही तेल को आप बार-बार इस्तेमाल करते हैं तो वह सेहत के लिए हानिकारक होता है, जिसके तहत सरकार ने फैसला लिया है कि घरों और हलवाइयों पर इस्तेमाल हुई आखिरी तेल की बूंद देश की कंपनी तक पहुंचाई जाएगी। इससे देश की ऊर्जा बचेगी और देश स्वास्थ्यवर्धक होगा।