8 February 2023

आख़िर नए स्मार्टफोन में USB 2.0 पोर्ट की जगह USB Type C पोर्ट क्यों दिया जा रहा है?

आख़िर नए स्मार्टफोन में USB 2.0 पोर्ट की जगह USB Type C पोर्ट क्यों दिया जा रहा है? 1

न्यूज़ डेस्क: आज का समय आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस दौड़ में मोबाइल फोन दिनों दिन अपनी फीचर्स में बदलाव किया है। किसी मोबाइल फोन को चलाते रहने के लिए चार्ज करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए चार्जर से चार्ज करना पड़ता है। लेकिन आपने गौर किया होगा की मार्केट में आने वाली अब अत्याधिक फोन में टाइप सी चार्जर की सुविधा होती है। ऐसे में एक बात सोचने वाली है कि ऐसी भी क्या कठिनाई आ पड़ी की चार्जर की पिन को ही बदलना पड़ गया। तो आइए जानते हैं विस्तार से।

तेज चार्जिंग है खूबी

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन यूएसबी टाइप सी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आते हैं। यूएसबी टाइप सी फोन को माइक्रो यूएसबी 2.0 पोर्ट की तुलना में तेजी से चार्ज करता है। इसका सबसे बड़ा कारण पावर ट्रांसमिशन है। माइक्रो यूएसबी 2.0 पोर्ट 20 वाट तक बिजली ट्रांसफर कर सकता है, जबकि यूएसबी टाइप सी 100 वाट तक बिजली ट्रांसफर कर सकता है। इसका मतलब है कि यूएसबी टाइप सी से फोन को पांच गुना तेजी से चार्ज किया जा सकता है।

चुटकियों में डाटा ट्रांसफर

केवल चार्जिंग ही नहीं डाटा ट्रांसफर के लिए यूएसबी टाइप सी पोर्ट भी आपकी काफी मदद कर सकता है। माइक्रो यूएसबी 2.0 पोर्ट की तुलना में डेटा जल्दी ट्रांसफर होता है। माइक्रो USB 2.0 पोर्ट 450MB प्रति सेकेंड की स्पीड से डाटा ट्रांसफर करता है, जबकि USB Type C से आप 5GB प्रति सेकेंड की स्पीड से डाटा ट्रांसफर कर सकते हैं।

इस झंझट से छुटकारा

आपको USB 2.0 टाइप के चार्जर को उल्टा या सीधा देखते हुए सेट करना होता है। इससे यूजर्स को कई बार गलती से भी इस पोर्ट के टूटने की समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन यूएसबी टाइप सी पोर्ट में रिवर्स का झंझट नहीं है। आप इस पोर्ट को उल्टा या उल्टा प्लग-इन कर सकते हैं। यह टूटता नहीं है।