4 February 2023

बेहद खास है इस पाकिस्तानी खिलाड़ी की लव स्टोरी, अपना केस लड़ रहे वकील से ही कर ली शादी

mohammad amir

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर का विवादों से गहरा नाता रहा है. मोहम्मद आमिर ने नर्जिस खान के साथ शादी कर ली. दरअसल ये उन दिनों की बात है जब साल 2010 में मोहम्मद आमिर का नाम मैच फिक्सिंग में सामने आया था. मोहम्मद आमिर पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोप की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा था.

मोहम्मद आमिर का यह केस पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश नागरिक नर्जिस खान लड़ रही थी मैच फिक्सिंग मामले में मोहम्मद आमिर का केस लड़ते-लड़ते नर्जिस खान और मोहम्मद आमिर की नजदीकियां बढ़ने लगी और कुछ समय बाद एक इन दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया. मैच फिक्सिंग में दोषी करार पाए जाने के बाद मोहम्मद आमिर को 5 साल के लिए बैन कर दिया गया. मोहम्मद आमिर की उम्र 18 साल की थी साल 2016 में मोहम्मद आमिर ने नर्जिस खान ने शादी कर ली.

साल 2016 में मोहम्मद आमिर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की. 2020 में पाकिस्तान क्रिकेट के आंतरिक राजनीति की वजह से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया. खबरें तो यहां तक है कि मोहम्मद आमिर ब्रिटिश नागरिकता पाकर आईपीएल खेलने की तैयारी कर रहे हैं.

अगस्त 2010 में लॉर्ड क्रिकेट टेस्ट में 3 क्रिकेट खिलाड़ियों ने सट्टेबाज मजहर मजीद के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग की थी. और यह स्टिंग ऑपरेशन ‘न्यूज़ ऑफ़ वर्ल्ड’ के रिपोर्टर ने किया था. इस पूरे मामले स्पॉट फिक्सिंग की सारी बातें कैमरे में कैद हो गई थी. इसमें पता चला था कि मैच के 1 दिन पहले 1-1 नो बॉल फेंकी जाएगी. इसके बदले आरोपी क्रिकेटर ने भारी रकम ली थी. इस टेस्ट मैच में कप्तान सलमान बट्ट के इशारे पर मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर ने क्रमशः एक और दो नो बॉल फेंकी थी.

साल 2016 में मोहम्मद आमिर ने ब्रिटिश नागरिक नर्जिस खान के साथ शादी कर ली. 2009 टी20 विश्व कप और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीत में मोहम्मद आमिर पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे. जब वह स्पॉट फिक्सिंग में फसें तो वहा 18 साल के थे साल. 2010 से 2015 तक उन पर बैन लगा रहा.

कप्तान सलमान बट्ट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को इंग्लैंड दौरे पर फिक्सिंग में आरोपी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया. साथी गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और कप्तान सलमान बट्ट को स्पॉट फिक्सिंग में आरोपी करार देते हुए ब्रिटेन की अदालत ने नवंबर 2011 में जेल की सजा सुनाई थी. लगभग 6 महीने तक मोहम्मद आमिर को हवालात में रहना पड़ा.